सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह पर 29 साल पहले हुए जानलेवा हमले के मामले में सोमवार को न्यायालय ने फैसला सुनाया। इसमें कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह समेत तीन आरोपियों को संदेह से परे साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा योगेंद्र सिंह निवासी ग्राम बल्लीपुर थाना नवाबगंज ने नवाबगंज थाने में 24 दिसंबर 1993 को तहरीर दी थी। इसमें कहा कि आज सुबह उनके भतीजे विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह अपने दरवाजे पर खड़े थे।
तभी सफेद मारुति कार से आए चार हमलावरों ने जान से मारने की नीयत से विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह (अब मृतक) पर फायरिंग शुरू कर दी। हमलावरों ने करीब 30-40 राउंड फायर किए। इसमें विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह घायल हो गए और भागकर घर के पीछे पहुंचते ही गिर गए। उन्हें मरा हुआ समझकर हमलावर कार में बैठकर नवाबगंज की ओर भाग गए। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की।
पुख्ता साक्ष्य के आधार पर नवाबगंज के ही विश्नोहरपुर निवासी भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह व उनके सहयोगी ज्ञान सिंह निवासी ग्राम कुंडौली थाना मइल जिला देवरिया, दीप नरायन यादव उर्फ पहलवान निवासी ग्राम पहलवापुर प्रतापीपुर, थाना उरुवा बाजार, गोरखपुर और देवदत्त सिंह निवासी नवाबगंज के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मुकदमे के दौरान ही अभियुक्त देवदत्त सिंह की मृत्यु हो गई।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता श्रीकांत श्रीवास्तव, भूपेश्वर उपाध्याय व उपेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि अभियोजन पक्ष सुनवाई के दौरान अदालत में संदेह से परे साक्ष्य नहीं प्रस्तुत कर सका। अभियोजन पक्ष घटना में घायल हुए पंडित सिंह को भी अदालत में पेश नहीं कर सका। जबकि घटना के समय तत्कालीन भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह का संसद सत्र में भाग लेने के लिए दिल्ली गए थे। हमले के समय सांसद दिल्ली स्थित अपने आवास में थे।
ऐसी स्थिति में न्यायालय ने माना कि आरोपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह दोषमुक्त किए जाने योग्य हैं। सोमवार को इस बहुचर्चित मामले में निर्णय सुनाते हुए विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए जितेंद्र गुप्ता ने आरोपी भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह, ज्ञान सिंह व दीप नरायन यादव उर्फ पहलवान को संदेह से परे साक्ष्य साबित न होने का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।