फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Girls Olympic 2023 : तीन दिवसीय बालिका ओलंपिक 2023 का समापन, फिर दमखम दिखाने का वादा लेकर विदा हुईं बेटियां

Sat, 29 Jul 2023 12:22 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ

सार

अमर उजाला बालिका ओलंपिक-2023 के तीसरे और अंतिम दिन वॉलीबाल में गोरखपुर और लखनऊ की टीम खिताब के लिए भिडीं। मैच के दौरान कोर्ट के भीतर और बाहर दोनों का माहौल देखने वाला था। हर प्वाइंट पर एक टीम में निराशा तो दूसरी में उत्साह दिखाई देता। दर्शक भी इस माहौल से अछूते नहीं रहे।
विज्ञापन
Girls Olympic Championship 2023 - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

तीन दिन, छह खेल और एक हजार खिलाड़ी। जोश और जुनून ऐसा कि हर कोई बेटियों की प्रतिभा का कायल हो गया। बेटियों ने न सिर्फ कड़े मुकाबले में एक-दूसरे को मात दी, बल्कि यह संदेश भी दिया कि वे किसी से कम नहीं हैं। केडी सिंह बाबू स्टेडियम में अमर उजाला खेल खिलाड़ी उत्तर प्रदेश बालिका ओलंपिक 2023 के शुक्रवार को हुए समापन पर बेटियां फिर दमखम दिखाने का वादा लेकर विदा हुईं। उत्साह से लबरेज बेटियां बोलीं, अगले साल भी वे इस आयोजन की साक्षी बनेंगी और देश-दुनिया में अपना नाम रोशन करेंगी।

विज्ञापन


तीन दिनों तक चले बालिका ओलंपिक के अंतिम दिन सभी छह खेलों के फाइनल मैच हुए। स्टेडियम में सुबह से ही खिलाड़ियों का जमावड़ा था। दर्शकों की भीड़ भी खिलाड़ियाें का हौसला बढ़ा रही थी। हॉकी, फुटबॉल, वालीबॉल, कराटे, हैंडबॉल और बॉक्सिंग के फाइनल का रंंग सभी के सिर चढ़कर बोल रहा था। हर आयु वर्ग के लोग बेटियों को प्रोत्साहित करते नजर आए। मंच से भी अलग-अलग विभाग के मंत्रियों ने बालिकाओं के उत्साह की सराहा और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। हॉकी के फाइनल मैच में दर्शकों का उत्साह देखने लायक था। लखनऊ और मेरठ के बीच रोमांचक मुकाबले को दर्शक दिल थामकर देख रहे थे। अंतिम क्षण में पेनॉल्टी कॉर्नर से लखनऊ ने गोल दागा तो पूरा स्टेडियम तालियों से गूंज उठा। समापन समारोह के दौरान अलग-अलग रंग की टीशर्ट में सभी खिलाड़ी मैदान में एक साथ जमा हुए। खिलाड़ियों ने प्रतिद्वंद्वी टीमों को गले लगाकर विदा ली।

केंद्रीय मंत्री ने पूछे सवाल
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर मंच से खिलाड़ियों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अमर उजाला के इस आयोजन की सराहना की। केंद्रीय मंत्री ने खिलाड़ियों से कई सवाल भी पूछे, जिसका बालिकाओं ने जवाब भी दिया। इससे पहले बालिकाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। केंद्रीय मंत्री ने प्रस्तुति देने वाली छात्राओं की प्रतिभा को मंच से सराहा और योग पर जोर दिया।
विज्ञापन


बालिका ओलंपिक में सह आयोजक व प्रायोजक
आयोजन में सह आयोजक व प्रायोजक
सह आयोजक हैं यूपी ओलंपिक एसोसिएशन
प्रायोजक हैं- गोल्डी मसाले, आईओसीएल, संस्कृति यूनिवर्सिटी
प्रायोजकों में इनकी रही मौजूदगी
सुदीप गोयनका, मैनेजिंग डायरेक्टर, गोल्डी समूह।
सचिन गुप्ताा, चांसलर, संस्कृति विश्वविद्यालय आगरा
अमित कुमार, चीफ जनरल मैनेजर, उत्तर प्रदेश स्टेट ऑफिस, इंडियन ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड
अनिरुद्ध जामजूट, जनरल मैनेजर (ल्यूब्स), उत्तर प्रदेश स्टेट ऑफिस, आईओसीएल
संजीव कुमार त्रिपाठी, चीफ मैनेजर (प्लानिंग एंड कोआर्डनिेशन) उत्तर प्रदेश स्टेट ऑफिस

हैंडबाल में दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला

Girls Olympic Championship 2023 - फोटो : amar ujala
हैंडबाल के खेल में 18 टीमों के बीच हुए कड़े मुकाबले के बाद शुक्रवार को फाइनल में राम की नगरी अयोध्या और शिव के शहर काशी की टीमों के बीच कड़ी टक्कर हुई। इस मुकाबले में दोनों टीमों ने एक-दूसरे से जोरदार मुकाबला किया। आखिर में अयोध्या के खिलाड़ियों ने वाराणसी की टीम को 29 के मुकाबले 23 अंकों से मात दी। भीषण गर्मी और बहते पसीने के बावजूद बेटियों ने अपना जोश कम नहीं होने दिया। दोनों टीमें अपने खेल और खेल भावना दोनों से अपने प्रतिद्वंद्वी पर भारी पड़ना चाहती थीं। अपने-अपने मैचों में अब तक विजय हासिल करने वाली बालिका खिलाड़ी फाइनल ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाना चाहती थीं।

वॉलीबाल फाइनल में देखने को मिला भरपूर जोश
दिल में जुनून और आंखों में जीत का सपना। लखनऊ और गोरखपुर मंडल की वॉलीबाल खिलाड़ी शुक्रवार को जब 18 गुणा 9 मीटर के वॉलीबाल कोर्ट में उतरीं तो इन जज्बे से लबरेज दिखाई दीं। इस जज्बे को जब दर्शकों का प्रोत्साहन मिला तो उनका जोश सातवें आसमान पर पहुंच गया। अमर उजाला बालिका ओलंपिक-2023 के तीसरे और अंतिम दिन वॉलीबाल में गोरखपुर और लखनऊ की टीम खिताब के लिए भिडीं। मैच के दौरान कोर्ट के भीतर और बाहर दोनों का माहौल देखने वाला था। हर प्वाइंट पर एक टीम में निराशा तो दूसरी में उत्साह दिखाई देता। दर्शक भी इस माहौल से अछूते नहीं रहे। दोनों टीमों के समर्थक मैदान से बाहर उनका उत्साह बढ़ा रहे थे। हर प्वाइंट पर कोर्ट और उससे बाहर का माहौल गर्म हो रहा था। मैच के दौरान केडी सिंह बाबू स्टेडियम में अभ्यास कर रहे खिलाड़ी स्थानीय टीम के समर्थन में आ गए तो वहीं गोरखपुर मंडल से आए अन्य खेलों की खिलाड़ी अपनी टीम के साथ जुड़ गईं। दोनों ओर से मैदान के अंदर और बाहर जमकर जोर आजमाइश हुई। आखिर में जोरदार मुकाबले के बाद गोरखपुर ने लखनऊ मंडल को 25-15 और 25-13 से हराकर विजेता ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाया।

धड़कनें रोक देने वाला रहा हाकी का रोमांचक फिनाले

Girls Olympic Championship 2023 - फोटो : amar ujala
यूपी बालिका ओलम्पिक का हॉकी का फाइनल मुक़ाबला हॉकी प्रेमियों के लिए लंबे समय तक याद किये जाने लायक रहा। फाइनल का मुकाबला लखनऊ और मेरठ मंडल की टीम के बीच हुआ जिसका परिणाम पेनाल्टी शूटऑउट के जरिये तय हुआ। धीमी शुरुआत और कांटे की टक्कर के बाद लखनऊ मंडल की टीम ने 3-1 से जीत हासिल की।

मैच के पहले क्वार्टर में लखनऊ की टीम ने मेरठ पर दबाव बनाये रखा और गेंद को काफी देर तक मेरठ के ही पाले में रखा। पहले क्वार्टर में लखनऊ ने एक पेनाल्टी कार्नर बनाया मगर मेरठ के बेहतरीन डिफेन्स के चलते उसका फायदा उठाने में नाकाम रहे। इसकी वजह से पहले क्वार्टर में दोनो टीमों की ओर से कोई गोल नहीं हो सका। दूसरे क्वार्टर में मेरठ की टीम ने दबदबा बनाते हुए पेनाल्टी कार्नर बनाया पर गोल कर पाने का मौका चूक गए।

मैच का तीसरा क्वार्टर आते-आते मौसम सुहाना हो गया और इसके साथ ही खिलाड़ियों के जोश का पारा गरम होता गया। दर्शक नारे लगाकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते रहे। फिनाले का चौथा क्वार्टर सांसें रोक देने वाला रहा। नीली जर्सी में मेरठ और लाल जर्सी में लखनऊ मंडल टीम की वीरांगनाएं एक दूसरे से जीत का खिताब छीन लेने को बेताब दिखीं। मेरठ ने पेनाल्टी कार्नर बनाया और लखनऊ की करीना कुमारी की फुर्ती और डिफेंस को भेदते हुए मैच का पहला गोल किया। लखनऊ ने भी पलटवार में देर नहीं की और बड़े अदब से लगातार तीन पेनाल्टी कार्नर बनाया और तीसरे मौके पर गोल कर मैच को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया।

कुछ इस तरह से रहा नतीजा
समय खत्म होने पर 1-1 से बराबरी के चलते मैच का फैसला पेनाल्टी शूटआउट के जरिए तय हुआ।
मेरठ की टीम ने पहले शॉट लिया मगर अपने दो शॉट में वह लखनऊ की मजबूत दीवार करीना कुमारी के डिफेंस को भेद न सकी।

जबकि लखनऊ ने अपने पहले दो मौकों पर दो गोल किये। फिर मेरठ ने अपने तीसरे मौके पर गोल किया। इसके बाद लखनऊ ने तीसरे मौके पर गोल किया। आखिर में चौथे मौके पर मेरठ की टीम गोल कर पाने में नाकाम रही और इस तरह मैच का खिताब लखनऊ की टीम के नाम होते ही स्टेडियम तालियों और दर्शकों की हूटिंग से गूंज उठा।

आंखों में जीत का जज्बा लेकर उतरीं कराटे खिलाड़ियों ने बढ़ाया रोमांच

Girls Olympic Championship 2023 - फोटो : amar ujala
कराटे की पारंपरिक वेशभूषा में खिलाड़ी जब एरिना में उतरीं तो उनकी आंखों में जीत का जज्बा देखा जा सकता था। एक ओर बनारस की पूनम थीं तो दूसरी और बुलंदशहर की नैना। उनकी फुर्ती, तेजी व मूवमेंट दर्शकों का रोमांच बढ़ा रहे थे। कभी फ्रंट किक, कभी नॉकआउट पंच तो कभी पैरों का फास्ट मूवमेंट, दर्शकों को एकटक मैच देखने को मजबूर करता रहा। दोनों खिलाड़ियों के एक-एक पंच, एक-एक किक पर दर्शक ताली बजाकर हौसलाअफजाई करते नजर आए।

अमर उजाला व यूपी ओलंपिक एसोसिएशन की ओर से केडी सिंह बाबू स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय बालिका ओलंपिक-2023 के अंतिम दिन हुए कराटे के मैचों ने दर्शकों को खूब रोमांचित किया। धूप व उमस के बावजूद बालिकाओं के जोश में कहीं कमी नजर नहीं आई।

जीत गईं, पर हार को सराहा
बनारस की ज्योति सिंह व जया उपाध्याय का मैच बेहद खास रहा। दोनों खिलाड़ियों ने अंतिम राउंड तक जीत के लिए जी जान लगा दी। जया उपाध्याय की प्रैक्टिस व किक-पंच ज्योति पर भारी पड़े। जया जीत गईं। लेकिन उन्होंने जिस जज्बे को दिखाया, उसे ही बेहतरीन खेल भावना कहा जाता है। उन्होंने ज्योति को सराहा और उसे गले लगा लिया।
विज्ञापन

बॉक्सिंग : फुर्ती देख, बढ़ती गई दर्शकों की धड़कनें

Girls Olympic Championship 2023 - फोटो : amar ujala
गजब की फुर्ती। बेहतरीन मुक्केबाजी और शानदार प्रदर्शन। बेटियों ने बॉक्सिंग रिंग में जब अपने हुनर का परिचय दिया तो रिंग के नीचे खड़ा हर शख्स दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हो गया। एक के बाद एक हुए हर मैच ने दर्शकों की धड़कनें बढ़ाईं और रोमांच को दोगुना किया। बालिका ओलंपिक-2023 के अंतिम दिन बॉक्सिंग रिंग में बेटियों ने अपने शानदान प्रदर्शन से इवेंट को यादगार बना दिया। मुक्केबाजी का ऐसा अंदाज गाहेबगाहे ही देखने को मिलता है। बेटियों ने दर्शकों की उस ख्वाहिश को पूरा कर दिया और अपने शानदार प्रदर्शन से समां बांध दिया। इतना ही नहीं मुक्केबाजी के दौरान जब खिलाड़ी एक-दूसरे को पंच जड़ रहीं थीं तो चोट लगने पर दिल में उठने वाली भावनाएं उनकी आंखों में झलक रही थीं। बॉक्सिंग मैच के दौरान अलग तरह का माहौल देखने को मिला।

पिता बढ़ाते रहे बेटियों का हौसला
केडी सिंह बाबू स्टेडियम के मुख्य ग्राउंड में बॉक्सिंग रिंग में बेटियां जहां अपने कौशल का परिचय दे रहीं थीं, वहीं रिंग के नीचे से उनके पिता हौसला बढ़ाते नजर आए। पिता के साथ ने खिलाड़ियों का जोश बढ़ा दिया और बेटियों ने बॉक्सिंग मैच को और भी रोमांचकारी बना दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें