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तीन शोहदों से अकेले भिड़ी छात्रा ने कुछ ऐसा किया कि वे उल्टे पांव भागे

Mon, 21 Aug 2017 02:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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छात्रा द्वारा खींची गई फोटो
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एलयू के कैलाश हॉस्टल के पास दिनदहाड़े छेड़छाड़ कर रहे तीन शोहदों से बहादुर छात्रा भिड़ गई। शोहदों ने छात्रा का हाथ पकड़कर गाली-गलौज की तो उसने थप्पड़ों की बौछार कर दी।
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इस दौरान सड़क पर मजमा लग गया पर कोई आगे नहीं आया। छात्रा ने अपना मोबाइल फोन निकालकर शोहदों का फोटो खींच लिया जिससे घबराकर वे भाग निकले।

छात्रा ने शोहदों के खिलाफ केस दर्ज करा दिया है। पुलिस ने बताया कि फोटो से शोहदों की पहचान कर ली गई है। उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।

इंस्पेक्टर पीके झा ने बताया कि पीजीआई और पारा इलाके की दो छात्राएं शुक्रवार दोपहर नेट का फार्म भरने के लिए लखनऊ यूनिवर्सिटी आई थीं। करीब एक बजे दोनों यूनिवर्सिटी से निकलीं और अपनी-अपनी स्कूटी से डालीगंज के लिए चल दीं।

कैलाश छात्रावास के बगल वाली सड़क पर मुड़ते ही पशु चिकित्सालय के सामने छात्राओं की स्कूटी के पीछे बाइक सवार तीन शोहदे चलने लगे। शोहदों ने छींटाकशी व छेड़छाड़ शुरू कर दी। विरोध पर अश्लील हरकतें व गाली-गलौज करने लगे। हाथ पकड़कर खींचने लगे।
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काम आई सूझबूझ : फोटो खींचते ही भागने लगे

बहादुर छात्रा ने बताया कि वह शोहदों से भिड़ी थी तभी आसपास लोग एकत्र हो गए। बीच सड़क पर धक्का-मुक्की, हाथापाई और शोरगुल मचा था लेकिन भीड़ में से कोई भी आगे नहीं आया। 

छात्रा ने बताया है कि पकड़ से छूटी और अपना मोबाइल फोन निकालकर उनकी फोटो खींच ली। फोटो खिंचते देख वे भाग खड़े हुए। इंस्पेक्टर झा का कहना है कि शोहदों की पहचान सचिन यादव, आशुतोष पाठक और बिहारी के रूप में हुई है। तीनों यूनिवर्सिटी के ही छात्र हैं। आशुतोष जानकीपुरम में रहता है जबकि बाकी दोनों का पता-ठिकाना नहीं मिल सका है। यूनिवर्सिटी के लोगों से मिलकर उनकी तलाश की जा रही है।
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बुरी तरह डर गई थी, पर चेहरे पर नहीं दिखाई दहशत

शोहदों से अकेले मोर्चा लेने वाली छात्रा का कहना है कि वे उसे जान से मारने की धमकी दे रहे थे। धमकियों से वह भीतर ही भीतर बहुत डर गई थी।

मन घबरा रहा था कि क्या होगा? हालांकि, उसने अपना डर शोहदों के सामने नहीं आने दिया और उनसे लोहा लेती रही। मैं उन्हें सबक सिखाना चाहती थी लेकिन कोई साथ नहीं दे रहा था। छात्रा के पिता एक कॉलेज में प्रधानाध्यापक हैं, उन्होंने कहा कि हमने बेटी को समाज में जुल्म और अन्याय के सामने कभी झुकना नहीं सिखाया। 
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