रायबरेली। हरदोई जिले की रहने वाली युवती सोमवार दोपहर चूहामार दवा लेकर एसपी दफ्तर पहुंच गई। वहां खूब हंगामा किया। डीसीआरबी कार्यालय में तैनात सिपाही को पति बताते हुए न्याय दिलाने की मांग की। न्याय न मिलने पर दवा खाकर जान देने की धमकी दी। दो घंटे तक हंगामा चलता रहा।
हरदोई जिले के भदैचा की रहने वाली अर्चना पुत्री किशनलाल ने 24 दिसंबर को पुलिस कार्यालय स्थित डीसीआरबी कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया था। उसने आरोप लगाया था कि डीसीआरबी सेल में डयूटी कर रहा आरक्षी राकेश कुमार डेढ़ साल पहले हरदोई जिले में तैनात था। सिपाही ने उससे दोस्ती की और उसके साथ आर्य समाज मंदिर मेंं शादी कर ली।
अब सिपाही उसका उत्पीड़न कर रहा है। सिपाही ने युवती को पत्नी होने से इंकार कर दिया था। युवती ने सिपाही की बाइक तोड़ दी थी। मामले में एसपी ने सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।
सोमवार दोपहर करीब 12 बजे युवती पुलिस दफ्तर पहुंच गई। वह अपने हाथ में चूहा मारने वाली दवा लिए थी। उसने हंगामा करते हुए सिपाही पर सख्त कार्रवाई की मांग की। कहा कि पति उसे अपने साथ नहीं रख रहा है। युवती दवा खाने की धमकी दे रही थी। सूचना के बाद भी महिला थानेदार और उनके मातहत मौके पर नहीं पहुंचे।
एसपी ने पुलिस कर्मियों को फटकार लगाई। इसके बाद सदर कोतवाली से महिला पुलिस कर्मी मौके पर पहुंची। युवती को शांत कराकर अपने साथ ले गई। युवती ने चेतावनी दी कि उसे न्याय नहीं मिला तो वह जान दे देगी।
एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि सिपाही को निलंबित किया जा चुका है। पीड़िता ने हरदोई में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा रखा है। उसे को न्याय दिलाया जाएगा।