रायबरेली। महराजगंज कोतवाली में तैनात एक सिपाही ने 11 वर्षीय बालिका के साथ न सिर्फ छेड़खानी की बल्कि उसे मोबाइल पर अश्लील वीडियो भी दिखाया। मामले का तब पता चला जब शनिवार को पीड़ित परिवार एसपी से मिला और सिपाही की करतूत बताई। एसपी अभिषेक कुमार अग्रवाल ने सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और जांच सीओ महराजगंज यादुवेंद्र पाल को सौंप दी।
महराजगंज कस्बे की रहने वाली एक महिला शनिवार सुबह अपनी बेटी के साथ पुलिस कार्यालय पहुंची। उसने एसपी को पत्र देकर आरोप लगाया कि महराजगंज कोतवाली में तैनात सिपाही पंकज कुमार उसके घर पर किराये पर 30 जून तक रहा। किराये पर रहने के दौरान सिपाही उसकी नाबालिग पुत्री को पढ़ाने के बहाने अश्लील वीडियो दिखाता था और छेड़छाड़ करता था।
इससे उसकी पुत्री सिपाही पंकज को देखकर सहमी रहती थी और उसे देखकर बेसुध हो जाती थी। इस स्थिति में उसने सिपाही से कमरा खाली करवा लिया। तीन अगस्त को बेटी ने सिपाही की मनमानी के बारे में बताया। सीओ यादवेंद्र बहादुर पाल ने बताया कि प्रथम दृष्टया सिपाही पंकज को निलंबित कर दिया गया है। जांच कराकर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
बालिका व सिपाही की बातचीत का ऑडियो वायरल
मामले से जुड़ा एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जाता है कि यह ऑडियो नाबालिग बालिका और आरोपी पंकज सिपाही के बीच बातचीत का है। बालिका सिपाही को फोन करती है और कहती है कि फोन नहीं कर सकते। इस पर सिपाही कहता है कि फोन मत किया करो।
पापा का फोन कहां से मिल गया तुम्हें। ऑडियो में बालिका सिपाही से पूछती है कि आप कहां रह रहे हैं तो सिपाही बताता है कि रायबरेली। इस पर किशोरी कहती है कि फिर मैं आपको राखी कैसे बांधूंगी। हालांकि अमर उजाला इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता।
कहीं भाई को थप्पड़ मारना तो नहीं बनी वजह
जिस महिला ने अपनी नाबालिग पुत्री के साथ सिपाही पर छेड़छाड़ किए जाने का आरोप लगाया गया है, उसका बेटा कस्बे में फोटोकॉपी की दुकान चलाता है। बीते बुधवार को आधार कार्ड बनवाने को लेकर महिला के बेटे और एक युवक के बीच कहासुनी हो गई थी। पुलिस दोनों को कोतवाली ले आई थी और दोनों का शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया गया था। उस समय कोतवाली में आरोपी सिपाही पंकज भी मौजूद था और उसने उसे दो-तीन थप्पड़ भी मार दिए थे। चर्चा है कि कहीं इसी वजह से सिपाही पर आरोप तो नहीं लगाया गया।