लखनऊ। एक महिला ने नाबालिग बेटी का धर्म परिवर्तन करवा परिचित मुस्लिम युवक के साथ निकाह करवा दिया। कुछ दिन पहले डिलीवरी के दौरान किशोरी की मौत हो गई। दोनों ने मिलकर शव को दफना दिया। मामले में किशोरी के चाचा ने रविवार को मामले में युवक और भाभी (किशोरी की मां) पर मोहनलालगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई।
किशोरी के चाचा के मुताबिक उनके बड़े भाई का दो साल पहले निधन हो गया था। तब से भाभी के एक मुस्लिम युवक के साथ अवैध संबंध हो गए थे। सालभर पहले उन्होंने अपनी 15 साल की बेटी का धर्मांतरण करवाकर उस युवक से उसका निकाह करवा दिया। जब उन्होंने विरोध किया तो भाभी ने धमकी दी कि वह खामोश रहें, नहीं तो झूठे मुकदमे में फंसा देंगे।
इस बीच पता चला कि भतीजी गर्भवती थी। बीते सोमवार को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी तो उसे निजी अस्पताल ले गए। बाद में झलकारी बाई अस्पताल में भर्ती कराया। वहां डिलीवरी के दौरान उसकी मौत हो गई। मोहनलालगंज इंस्पेक्टर आलोक राव ने बताया कि मामले में दुष्कर्म, पॉक्सो, धर्मांतरण, एससीएसटी एक्ट और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम में एफआईआर दर्ज की गई है। किशोरी की मां को साजिश में शामिल होने का आरोपी बनाया गया है।
कहां शव दफनाया, अब तक नहीं खोली जुबान
किशोरी के चाचा ने शुक्रवार को पुलिस से शिकायत की थी। पुलिस ने किशोरी की मां को पूछताछ के लिए बुलाया था। इस दौरान वह बेटी के बालिग होने का कोई साक्ष्य नहीं दे सकीं। पुलिस ने उनसे ये भी पूछा कि आखिर बेटी का शव कहां दफनाया है तो खामोश रहीं। रविवार को पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के साथ ही आरोपी युवक को भी हिरासत में ले लिया। एसीपी राधारमण का कहना है कि आरोपी से पूछताछ कर शव के बारे में पता किया जा रहा है। साक्ष्य जुटाकर कार्रवाई की जाएगी।
नाम भी बदल दिया था
धर्मांतरण करने के बाद किशोरी का नाम भी बदल दिया था। हिंदू से मुस्लिम नाम रख दिया था। मामले में किशोरी की मां यही कह रही है कि बेटी बालिग थी। जबरन कुछ भी नहीं कराया गया। हालांकि पुलिस की अब तक की जांच में आरोप सही साबित हो रहे हैं और महिला की बातें झूठ। बाकी आगे की जांच में पूरा मामला स्पष्ट हो जाएगा।