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Lucknow News: नगर निगम और पीडब्ल्यूडी को कुंभकर्ण सम्मान

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लखनऊ। सालभर के इंतजार के बाद शनिवार को मूर्ख दिवस के मौके पर एक बार फिर से चारबाग स्थित रविंद्रालय सभागार में हास्य उत्सव घोंघा बसंत का दरबार सजा। रंगभारती संस्था की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में हास्य कवियों ने अपनी रचनाओं से हंसी के फौव्वारे छोड़े तो वहीं परंपरागत पुरस्कारों की घोषणा पर पूरा सभागार तालियों और ठहाकों से गूंज उठा। राजधानी की बदहाल और गड्ढायुक्त सड़कों पर अपनी आंख मूंदने वाले नगर निगम और लोकनिर्माण विभाग को संयुक्त रूप से कुंभकर्ण सम्मान से नवाजा गया।
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सम्मेलन में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, फिल्म अभिनेता शाहरुख खान, फिल्म अभिनेत्री स्वरा भास्कर, स्वामी प्रसाद मौर्य, मल्लिकार्जुन खड़गे और उद्धव ठाकरे को ‘मूर्ख रत्न’ का ‘राष्ट्रीय शिखर सम्मान’ दिया गया। राहुल गांधी को ढेंचू सम्मान से नवाजा गया। समारोह की परंपरा के तहत पांच विभूतियों के ‘गन्धर्व विवाह’ की घोषणा की गई। इसमें पत्रकार अजय कुमार का दीपिका पादुकोण से, पत्रकार डॉ. हरिराम त्रिपाठी का अनुष्का शर्मा, पत्रकार श्याम कुमार का अभिनेत्री रेखा, मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र का आलिया भट्ट और हास्य कवि डंडा बनारसी का ममता बनर्जी के साथ गंधर्व विवाह कराया गया। इनको पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की ओर से नेग में 11-11 रुपये दिए गए। समारोह में आए कवियों के लिए मंडलायुक्त रोशन जैकब की ओर से पत्तलों का जयमाल, जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार की ओर से ककड़ी का जयमाल, पूर्व राज्यपाल राम नाईक की ओर से राजमुकुट, अरविंद केजरीवाल की ओर से झाड़ू, अखिलेश यादव की ओर से लॉलीपॉप और लखनऊ नगर निगम की ओर से झूठे आश्वासनों की पोटली थमाई गई।
डंडा बनारसी, पॉपुलर मेरठी को रंगभारती पुरस्कार
इस दौरान डंडा बनारसी और डॉ. पापुलर मेरठी को बेढ़ब बनारसी रंगभारती सम्मान और विकास बौखल को ‘रमई काका रंगभारती सम्मान’ दिया गया। रंगभारती के संपादक और कार्यक्रम के आयोजक श्याम कुमार मंच पर स्वयं गधे की वेशभूषा में आए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पिछले 62 साल से एक अप्रैल को होने वाले इस आयोजन का उद्देश्य आज की तनावभरी जिंदगी में हंसना-हंसाना है। समारोह में मशहूर रंगकर्मी विजय वास्तव ने ‘रंगभारती’ का परिचय दिया। सुविख्यात हास्य कलाकार राजेंद्र विश्वकर्मा व देवकीनंदन के साथ हास्य कार्यक्रमों की शुरुआत की। वरिष्ठ शास्त्रीय गायिका पद्मा गिडवानी ने सरस्वती-वन्दना प्रस्तुत की। समारोह में प्रयागराज से आए अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त ‘मूंछ नर्तक’ दुकानजी ने अपनी मूंछों पर मोमबत्तियां जलाकर अद्भुत ‘मूंछ नृत्य’ प्रस्तुत किया।
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...उसकी मां को गुलाब दे आया

हास्य कवि सम्मेलन में धर्मराज उपाध्याय ने अपनी कविता- उसके खत का जवाब दे आया, प्यार में सब हिसाब दे आया। इश्क अंधा था, मैं अंधों की तरह, उसकी मां को गुलाब दे आया... पढ़कर लोगों को हंसने पर मजबूर कर दिया। डंडा (वाराणसी) ने सुरती चबाके थूकने से कुछ नहीं होगा..., राज (वाराणसी) ने मैंने पूछा कि कैसा मेरा रंग है, झट वो लाकर किचन से तवा दे गया..., अमित अनपढ़ (लखनऊ) ने ब्याहता, कुंवारी, सब फैशन की मारी...,उत्कर्ष उत्तम (रायबरेली) ने लल्ला था और मुझको वो लल्लू बना गई..., सौरभ (लखनऊ) ने आंख से बह गया पानी न समझना मुझको...., विकास बौखल (रामनगर) ने प्यार के रोग को आधार से जोड़ा जाए और श्याम कुमार ने मेरे प्यारे, परम दुलारे, कुत्ता भाइयों.....कविता सुनाकर सभी को लोटपोट कर दिया।


उप मुख्यमंत्री ने की श्याम कुमार को पद्म पुरस्कार देने की मांग

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पत्नी नम्रता पाठक के साथ मौजूद रहे उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि वरिष्ठ पत्रकार श्याम कुमार ने अपना पूरा जीवन देश, समाज और संस्कृति के लिए समर्पित कर दिया। श्याम कुमार अपना सब कुछ बेचकर बिना किसी स्वार्थ के इस तरह के आयोजन करते हैं। उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस, पत्रकारिता दिवस, किशोर की यादें जैसे कार्यक्रम आयोजित करते हैं। समाज के लिए इतना कुछ करने वाले श्याम कुमार को कम से कम पद्मश्री सम्मान से नवाजा जाना चाहिए।
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