शिव-गौरा का पूजन कर मनाया गणगौर पर्व
लखनऊ। शहर की मारवाड़ी गली में रविवार को गणगौर का पर्व धूमधाम से मनाया गया। मिट्टी से बनी देवी-देवताओं की मूर्तियों को सजाया गया। इन मूर्तियों में ईसरजी (भगवान शिव का स्वरूप), गौरा जी (माता पार्वती का स्वरूप), कानीराम जी (ईसरजी के भाई), रोवाबाई, सोवाबाई (ईसरजी की बहन) और मालन (कुछ परंपराओं में मालिन का स्वरूप) बनाए जाते हैं। रंगपर्व धुलंड़ी के साथ ही अगले 16 दिन तक गणगौर पर्व मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि होली पर गौरा जी अपने पीहर आ जाती हैं और आठ दिन बाद ईसरजी उन्हें वापस लेने के लिए आते हैं और फिर चैत्र शुक्ल तृतीया को उनकी विदाई होती है। इसी दिन गौरा जी ने महिलाओं को सौभाग्य का आशीर्वाद दिया था। गणगौर की सबसे पहले पूजा माता गौरा जी ने ईसरजी की मूर्ति बनाकर की थी और शिव रूप में उन्हें सौभाग्य प्राप्त हुआ था। आयोजक पंकज माहेश्वरी ने बताया कि मारवाड़ी गली में आयुषी माहेश्वरी, स्नेह माहेश्वरी, ज्योति, पूजा, राधिका और प्रियांशी माहेश्वरी ने विवाह के बाद पहली बार गणगौर की पूजा की। इस दौरान अन्य महिलाएं भी मौजूद रहीं।
शिव-गौरा का पूजन कर मनाया गणगौर पर्व