डलमऊ (रायबरेली)। नरौरा बांध से तीस हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के चलते गंगा नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इससे कटरी के गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। कटनी क्षेत्र के किसान जलस्तर बढ़ने से सहमे हुए हैं। वहीं प्रशासन ने बाढ़ की आशंका को देखते हुए कोई तैयारी नहीं की है।
मंगलवार को डलमऊ में गंगा में उफान आना शुरू हो गया। नरौरा बांध से बीते रविवार को पानी छोड़ा गया था, जो डलमऊ गंगा में पहुंचना शुरू हो गया। मंगलवार को गंगा का जलस्तर 95.50 मीटर पर रहा। सोमवार शाम को यह 95 मीटर पर था। खतरे का निशान बिंदु 98.360 मीटर है। इस तरह हर घंटे नदी का जलस्तर दो सेमी की रफ्तार से बढ़ रहा है।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक मंगलवार रात तक जलस्तर तेजी से बढ़ने लगेगा। जलस्तर बढ़ने से कटरी क्षेत्र के गांव चक मलिक भीटी, जहांगीराबाद, जमाल नगर, मोहिउद्दीनपुर, अंबा, बबुरा, पूरे रेवती सिंह, चांदपुर लूक आदि के ग्रामीणों में बाढ़ की आशंका सताने लगी है।
गांव के रामेश्वर, हरिश्चंद्र, सजन यादव, महादेव, सदन तिवारी आदि ने बताया कि प्रति वर्ष गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होने के चलते हजारों बीघा फसल बर्बाद हो जाती है। क्षेत्रीय प्रशासन की जांच में आंशिक रूप से फसल नुकसान बताते हुए पल्ला झाड़ लिया जाता है। एक बार फिर फसल पर संकट मंडरा रहा है।
बाढ़ से निपटने की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। क्षेत्रीय लेखपालों को गंगा के जलस्तर पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
- मनोज कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी, डलमऊ