ऊं नमो विघ्नराजाय सर्वसौख्यप्रदायिने...., सिद्धिबुद्धि पते नाथ सिद्धिबुद्धि प्रदायिने... मंत्रों के बीच गजानन बुधवार से शहर में बनाए गए 166 पंडालों व घरों में विराजेंगे। पुराने शहर में मिनी महाराष्ट्र की झलक देखने को मिलेगी। वहीं घर-घर में बप्पा के स्वागत की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। लगभग सभी पंडालों में मंगलवार शाम को ही भक्तगण बप्पा की मूर्तिंयां ले आए।
ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल का कहना कि चतुर्थी बुधवार को दोपहर 3:23 बजे तक है, इसी अवधि में स्थापना उत्तम फलदायक है। बुधवार चूंकि गणेश जी का ही दिन है, इसलिए ये संयोग और खास बना रहा है। साथ ही रवि योग का संयोग अभीष्ट फल की प्राप्ति देने वाला है। चूंकि मुहूर्त दोपहर तक ही है, इसलिए बुधवार सुबह दस बजे से ज्यादातर जगहों पर पूजन शुरू हो गया और दो बजे तक गणपति की स्थापना कर ली जाएगी।
लिखिए चिठ्ठी, मांगिए मनौती आ गए मनौतियों के राजा
श्री गणेश प्राकट्य कमेटी की ओर से 18वां गणेशोत्सव झूलेलाल वाटिका में हनुमान सेतु के निकट दस दिन तक चलेगा। पर्यावरण की थीम पर तैयार पंडाल में 10.45 करोड़ के बीमा की सुरक्षा के बीच गणपति के कदम पड़ चुके हैं। सिद्धिविनायक के प्रतिरूप वाली मूर्ति की स्थापना सुबह 9.30 से 10 के बीच होगी। महोत्सव स्थल पर मंगलवार को इस संबंध में प्रेसवार्ता का भी आयोजन किया गया। अध्यक्ष अनिल अग्रवाल, संरक्षक भारत भूषण गुप्ता समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। बताया कि हर साल करीब 70 हजार चिट्ठियां लिखी जाती रही हैं। तीन साल के अंतराल के बाद फिर इतनी बड़ी संख्या में भक्त मनौतियों के राजा से मन्नत मांगने पहुंचने का आसार है। दस दिवसीय आयोजन में हर रोज कुछ न कुछ खास होगा। नौ सिंतबर को शोभा यात्रा निकलेगी।
प्रथम पूज्य गणेश के लिए यहां भी सब तैयार
- श्री शुभ संस्कार समिति के महामंत्री ऋद्धि गौड़ ने बताया कि धर्म ध्वजा उठाए गणपति दोपहर एक बजे स्थापना होगी।
- ऑस्कर योग सांईं कृपा सेवा संस्थान की ओर से हीवेट रोड पर स्थापना दोपहर 1.53 से शुरू होगी। आयोजक गणेश शंकर पवार कहते हैं कि गो रक्षा की थीम रहेगी।
- अलीगंज का राजा के नाम से गुलाब वाटिका में आयोजन करने वाले डॉ. संदीप अग्रवाल ने बताया कि स्थापना सुबह होगी। गजानन यहां पर शंख, त्रिशूल, शिवाजी की पगड़ी से सुशोभित होंगे।
- इसके अलावा शहर में अलग-अलग स्थानों पर लगे पंडालों में भी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और मूर्तियां भक्त ले आए हैं, सुबह पूजा के बाद ही सार्वजनिक प्रवेश की अनुमति मिल जाएगी।