लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय की ओर से नवंबर (17 से 19) में होने वाले अंतरराष्ट्रीय ड्रग डिस्कवरी, डेवलपमेंट एंड ड्रग डिलीवरी विषय पर सम्मेलन के लिए केंद्रीय जैव प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से दो लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिली है। फॉर्मेसी संकाय की निदेशक प्रो. शालिनी त्रिपाठी ने बताया कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य फार्मेसी के क्षेत्र में नई दवा खोज, विकास और वितरण प्रणाली से जुड़े अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करना है।