याजदान बिल्डर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर रविकांत शुक्ला से 71 लाख रुपये ठग लिए। बिल्डर के जिस अपार्टमेंट में उन्होंने दो फ्लैट बुक कराए, उसे एलडीए ने अवैध बताते हुए दिसंबर में ध्वस्त कर दिया। इसकी जानकारी पर पीड़ित ने रुपये वापस मांगे तो धमकी दी गई। रविकांत ने याजदान इंफ्राक न प्रा. लि. के चार निदेशकों सहित सात लोगों को आरोपी बनाते हुए बुधवार रात इनके खिलाफ हजरतगंज थाने में केस दर्ज कराया है।
प्रभारी निरीक्षक हजरतगंज अखिलेश मिश्रा के मुताबिक मूल रूप से रायबरेली निवासी रविकांत ने वर्ष 2006 में आयोजित अंडर-19 विश्वकप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इस टीम में वनडे के कप्तान रोहित शर्मा, रविंद्र जडेजा व पीयूष चावला जैसे दिग्गज खिलाड़ी भी थे। रविकांत इन दिनों डालीबाग में बटलर रोड स्थित केके अपार्टमेंट में रहते हैं।
तहरीर में बताया कि उन्होंने डालीबाग स्थित याजदान इंफ्राकन के प्राग नारायण रोड अलाया हेरिटेज अपार्टमेंट में दो फ्लैट बुक कराए थे। पहले फ्लैट एच 208 की रजिस्ट्री 29 जुलाई 20 को कराई थी, जिसके 43 लाख रुपये दिए। दूसरे फ्लैट जी 207 का एग्रीमेंट 22 सितंबर 20 को कराया। इसके लिए 26 लाख रुपये याजदान बिल्डर के डायरेक्टर सायम याजदानी, अलीम चौधरी, फहाद याजदानी, शराफत अली को दिए। इसके अलावा दो लाख रुपये और दिए।
रेरा में पंजीकृत बताई थी योजना
रविकांत का आरोप है कि याजदानी इंफ्राकन के निदेशकों ने उन्हें बताया कि अपार्टमेंट की योजना रेरा में पंजीकृत है। दस्तावेज के अनुसार एलडीए ने प्रोजेक्ट बनाने के लिए 20 नवंबर 2015 में अनुमति दी थी। फ्रीहोल्ड के लिए 1999 में ही तय रकम जमा कर दिए जाने की भी जानकारी दी। हालांकि, एलडीए ने बीते दिसंबर में इस अपार्टमेंट को अवैध घोषित कर ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण से जारी नोटिस में कहा गया कि इसका निर्माण नक्शा बिना पास कराए किया गया है। रविकांत का आरोप है कि बिल्डर ने जो दस्तावेज दिखाए थे, वे सभी जाली थे। बिल्डर के चारों निदेशक के अलावा सायम याजदानी की पत्नी, फहाद याजदानी की पत्नी श्रुति, फसी अहमद ने धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। इन लोगों धोखा देकर 71 लाख रुपये ठग लिए। रविकांत के मुताबिक सारी रकम कंपनी के खाते में दी गई थी।
परिवार सहित हत्या कराने की दी धमकी
रविकांत ने तहरीर में बताया कि एलडीए के बिल्डिंग को ध्वस्त करने की जानकारी हुई तो उन्होंने बिल्डर से रुपये वापस करने के लिए कहा। इस पर आरोपियों ने गालियां देते व धमकी देते हुए कहा कि ज्यादा दबाव बनाया तो परिवार सहित जान से मार दिया जाएगा। पुलिस ने आरोपियों पर धोखाधड़ी, जाली सरकारी दस्तावेज तैयार करने, जान से मारने की धमकी सहित कई संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।