दुबई में नौकरी का झांसा देकर कबूतरबाजों ने 16 लाख रुपये ठग लिए। युवकों का टूरिस्ट वीजा बनाकर उन्हें दुबई भेज दिया। वहां एयरपोर्ट पर पहुंचते ही युवकों को लौटा दिया गया।
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हैरान-परेशान युवकों ने कबूतरबाजों से संपर्क किया तो रुपया लौटाने के बहाने हजरतगंज बुलाकर उनसे मारपीट के बाद में धमकी देते हुए भगा दिया गया। ठगी के शिकार ठाकुरगंज के मंजू टंडन ढाल निवासी अब्दुल माजिद ने हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है।
इंस्पेक्टर डीके उपाध्याय ने बताया कि अब्दुल माजिद का तेज कुमार प्लाजा स्थित परिचित राकेश यादव की आरके ट्रैवल एजेंसी में आना-जाना था। 20 अगस्त 2015 को एजेंसी के ऑफिस में ही उसकी मुलाकात गोंडा कोतवाली के मन्नीपुर गांव निवासी मुबारक खान से हुई।
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मुबारक ने बताया कि वह वीजा एजेंट है और सऊदी अरब के दुबई, कतर व अन्य देशों में विभिन्न कंपनियों में हेल्पर की नौकरी दिलाता है। अब्दुल माजिद पहले सऊदी में ही ड्राइवर की नौकरी करता था। दो साल पहले वह लखनऊ लौटा था। दोबारा सऊदी जाना चाहता था। उसने मुबारक से दुबई का वीजा बनवाने को कहा।
मुबारक ने अलग-अलग किस्तों में उससे करीब 80 हजार रुपये लिए। इस बीच अब्दुल के कई परिचितों ने भी नौकरी के वीजा के लिए उससे संपर्क किया। अब्दुल ने अपने परिचित व अन्य 19 लोगों को मुबारक से मिलवा दिया। प्रत्येक व्यक्ति से 85 हजार रुपये और पासपोर्ट लेकर उसने वीजा देने की बात कही।
टूरिस्ट वीजा बनाकर भेज दिया दुबई
- फोटो : demo pic
बकौल इंस्पेक्टर, मुबारक ने सबका वीजा बनवाया लेकिन, वह नौकरी का न होकर टूरिस्ट वीजा था। इसकी मियाद एक महीने की ही थी। एयरपोर्ट पहुंचते ही युवकों को टूरिस्ट वीजा होने और एक महीने बाद वापस जाने की सूचना दे दी गई थी। यह सुनते ही युवकों के होश उड़ गए।
कोई आठ-दस दिन बाद ही हिंदुस्तान लौट आया तो किसी ने महीना पूरा होने के एक दिन पहले दुबई छोड़ा। लखनऊ आकर अब्दुल मजीद व अन्य लोगों को मुबारक को फोन कर रुपया मांगना शुरू कर दिया। उसने कहा कि मुबारक खान ने कुल 16.15 लाख रुपये ठगे हैं।
पहले तो मुबारक टरकाता रहा लेकिन, एफआईआर दर्ज कराने की धमकी देने पर उसने लखनऊ आकर मिलने की बात कही। एक नवंबर 2016 को मुबारक खान लखनऊ आया और हजरतगंज में साहू सिनेमा हॉल के पास युवकों से मुलाकात की।
अब्दुल ने बताया कि रुपया वापस मांगने पर मुबारक व उसके साथ आए दो लोग गाली-गलौज व धमकी देते हुए पीटने लगे। विरोध पर मुंह में असलहा लगाकर धमकी देते हुए चले गए। अब्दुल ने हजरतगंज कोतवाली में संपर्क किया। इसके बाद मुबारक व उसके दो-तीन अज्ञात साथियों पर एफआईआर दर्ज की गई। इंस्पेक्टर का कहना है कि मुबारक को पूछताछ के लिए बुलवाया गया है।
महराजगंज के बरगदवां निवासी कलीमुद्दीन, कामेश्वर, कृष्ण कुमार, गुड्डू, नौतनवां का राकेश कुमार, खोरिया का महेंद्र कुमार गुप्ता, देवगति का राजेश, धर्मेंद्र, अखिलेश, तुम्कुही का महबूब आलम, गोरखपुर के गोरखनाथ का सैय्यद नदीमुल्लाह, सदर का फिरोज आलम, सीतामणि का फरमान अंसारी, मो इश्तियाक, राजघाट का सिराजुद्दीन, आफाक, गोंडा के मनकापुर का रवि कुमार, मनोज कुमार और सुल्तानपुर के सरकोडा का आशीष।
जमीन बेचकर लौटाई रकम
अब्दुल मजीद ने मुबारक खान पर भरोसा करके अपने परिचितों व रिश्तेदारों को दुबई में नौकरी के लिए साथ ले लिया। उसने कई लोगों के रुपये वीजा बनवाने को मुबारक खान को दिलाए।
ठगी के बाद सभी लोगों ने रकम वापस मांगी तो अब्दुल ने जमीन बेचकर करीब आठ लाख रुपये लौटाए। उसने कहा कि मुबारक के धोखा देने के चलते वह बर्बाद हो गया।