एचएएल में सीसीटीवी कैमरे लगाने के नाम 10.51 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित फर्म संचालिका पूनम सिंह ने चिनहट थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। प्रभारी निरीक्षक तेज बहादुर सिंह के मुताबिक, चिनहट के कमता निवासी पूनम सिंह चार साल से लाइबैक फर्म चला रही हैं। फर्म सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम करती है।
मई में बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी मो. इमरान को नौकरी पर रखा था। जून में इमरान ने बताया कि एचएएल में सीसीटीवी कैमरे लगने हैं। इसका टेंडर करीब 15 लाख का है। भरोसा कर इसके लिए पूनम ने हामी भर दी। इसके बाद उनके पास एचएएल से मिलती जुलती ई-मेल आईडी से मेल आया। इसमें लाइबैक फर्म को टेंडर मिलने की बात लिखी थी। साथ ही वर्क ऑर्डर भी था।
पूनम के मुताबिक, इसके बाद एक और मेल आया, जिसमें फर्म के दस्तावेजों के सत्यापन के लिए कानपुर व बंगलूरू में होने की बात कही थी। मार्जिन मनी और सिक्योरिटी के तौर पर करीब 10.51 लाख रुपये इमरान को दिए। इसमें से 5.41 लाख उसके खाते में और 5.09 लाख नकद दिए। साथ ही आरोपी ने पूनम का पैन कार्ड, लैपटॉप और एक मोबाइल भी मांग लिया। पीड़िता के मुताबिक, रुपये मिलने के बाद इमरान ने दफ्तर छोड़ दिया। इस पर पूनम एचएएल कार्यालय गईं तो उन्हें इमरान की जालसाजी का पता चला। पूनम ने इमरान को कॉल कर रुपये लौटाने को कहा तो वह गालीगलौज करने लगा। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस से गुहार लगाई।