उस्ताद युगांतर सिंदूर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली में किया सम्मानित। स्रोत स्वयं
लखनऊ। गजल, कथक, नौटंकी और कला फोटोग्राफी... कला की अलग-अलग विधाओं में लखनऊ की चार प्रतिष्ठित हस्तियों को केंद्रीय संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उस्ताद युगांतर सिंदूर को गजल गायकी, पं. राम मोहन महाराज को कथक, आतमजीत सिंह को नौटंकी और राकेश सिन्हा को कला फोटोग्राफी के क्षेत्र में सम्मान मिला। n पांच दशक की साधना को मिला सम्मान : लखनऊ निवासी उस्ताद युगांतर सिंदूर को भारतीय संगीत में विशिष्ट योगदान के लिए वर्ष 2025 का सम्मान मिला। उन्होंने इस सम्मान को अपने माता-पिता और गुरु को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि करीब पांच दशक की संगीत साधना, अनुशासन और तपस्या को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलना उनके लिए बेहद सुखद है।n परिवार के साथ सम्मान से खुशी दोगुनी : पं. राम मोहन महाराज को पं. कृष्ण मोहन महाराज और वासवती मिश्रा के साथ कथक में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कालका-बिंदादिन परिवार से जुड़े पं. राम मोहन ने कहा कि यह सम्मान उनकी कला और गुरुओं की दी हुई विरासत का है। परिवार के साथ सम्मान मिलने से उनकी खुशी दोगुनी हो गई। उन्होंने लखनऊ के कथक घराने को और आगे ले जाने का संकल्प जताया।n 76 की उम्र में मिला हौसला : आतमजीत सिंह को नौटंकी में योगदान के लिए वर्ष 2024 का पुरस्कार मिला। अभिनय, निर्देशन, लेखन और नाट्य संगीत के क्षेत्र में उनका लंबा योगदान रहा है। उन्होंने 50 पूर्णावधि और 40 लघु नाटकों का निर्देशन किया। 30 नुक्कड़ नाटक लिखे और 50 नुक्कड़ नाटकों का करीब तीन हजार बार मंचन हुआ। उनके पुत्र सरबजीत सिंह ने कहा कि यह सम्मान उनके पिता के योगदान का मान है और नई पीढ़ी के रंगकर्मियों को प्रेरणा देगा।n कैमरे में दर्ज कलाकारों को समर्पित सम्मान : राकेश सिन्हा को कला फोटोग्राफी में उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्ष 2025 का सम्मान मिला।
उस्ताद युगांतर सिंदूर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली में किया सम्मानित। स्रोत स्वयं