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Lucknow News: चार डकैत भेजे गए जेल, गिरफ्तारी की कहानी नाटकीय

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लखनऊ। ट्रांसफार्मर फैक्टरी में डकैती के मामले में पुलिस ने बरेली के चार डकैतों को जेल भेजा है। मास्टरमाइंड समेत आठ डकैत अभी गिरफ्त से दूर हैं। आरोपियों के पास से करीब 40 लाख रुपये का कॉपर क्वाइल, डीसीएम, दो तमंचे, चार कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस ने तीन दिन पहले ही इन डकैतों को बरेली से हिरासत में ले लिया था। फिर भी मंगलवार को जब प्रेसवार्ता की तो गिरफ्तारी की कहानी बेहद नाटकीय बताई।
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यहियागंज निवासी संजीव अग्रवाल की चिनहट में देवा रोड पर बालाजी ट्रांसफार्मर्स के नाम से फैक्टरी है। 26 जनवरी की रात फैक्टरी में डकैतों ने धावा बोला था। फैक्टरी से करीब 80 लाख रुपये कीमत का कॉपर क्वाइल डीसीएम में भर ले गए थे। डीसीपी पूर्वी प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि मामले में बरेली निवासी सलीम मियां, गुड्डू, अली हसन और नंदकिशोर उर्फ सागर को गिरफ्तार किया गया है। गिरोह का सरगना बरेली के सुभाषनगर निवासी अनवर है। वहीं, मेराज के अलावा करीब छह और आरोपी अभी पकड़े जाने बाकी हैं। उनकी तलाश की जा रही है।
पुलिस की अब तक की जांच के मुताबिक जितना माल डकैत ले गए थे लगभग पूरा बरामद कर लिया है लेकिन एफआईआर के मुताबिक 6.5 टन माल था। फैक्टरी मालिक से इसकी तस्दीक की जा रही है कि आखिर कितना कॉपर क्वाइल वारदात के दिन रखा था। डकैती किसकी मुखबिरी पर डाली गई ये अभी पता नहीं चल सका है। पुलिस सरगना को गिरफ्तार करने के बाद इसका खुलासा कर सकती है।
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दरअसल पुलिस ने रविवार को ही बरेली में दबिश देकर चार डकैतों को हिरासत में ले लिया था। गाड़ी आदि बरामद कर ली थी। लेकिन जब मंगलवार को पुलिस ने आधिकारिक रूप से घटना का खुलासा किया तो डकैतों के पकड़े जाने की जो कहानी बताई वह गले नहीं उतरी। क्योंकि पुलिस के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज की मदद से डीसीएम का नंबर मिल गया था। जिससे पता चल गया था कि डीसीएम बरेली नंबर की है। चिनहट इंस्पेक्टर अवनीश कुमार चतुर्वेदी का दावा है कि वह टीम के साथ बरेली में थे। बीती रात उन्हें सूचना मिली कि डकैत माल बेचने के लिए डीसीएम लेकर दिल्ली जा रहे हैं। टीम ने बरेली से करीब बीस किमी. दूर जाकर डीसीएम की ओवरटेक किया। पुलिस ने जब चालक से रुकने का इशारा किया तो उन पर डीसीएम चढ़ाने का प्रयास किया गया। दूसरे प्रयास में डकैत पकड़े गए। अगर वाकई में ऐसा हुआ तो पुलिस ने एफआईआर क्यों नहीं दर्ज कराई। इसलिए पुलिस की इस पूरी कहानी में झोल है।
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