ट्रेनिंग करवा देते थे फर्जी नियुक्ति पत्र, 8-10 लाख की वसूली
एसटीएफ के मुताबिक गिरोह जिन युवकों को जाल में फंसाता था, उनकी फिजिकल ट्रेनिंग करवाता था। फर्जी नियुक्ति पत्र भी देता था। प्रति व्यक्ति 8 से 10 लाख रुपये वसूलता था। उसके बाद ठिकाना बदल देता था। अब तक की जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले तीन वर्षों में 500 से ज्यादा युवाओं को शिकार बनाकर करोड़ों रुपये ठग चुके हैं।
एक अभ्यर्थी पर 20 हजार
गिरोह में फिरोजाबाद का दिलीप यादव नाम शख्स भी शामिल है। वह फरार है। दिलीप आरोपी दिनेश का मामा है। दिनेश ने बताया कि उसको दिलीप ने ही शुभम व रामबरन से मिलवाया था। दिनेश को अभ्यर्थी लाने का काम सौंपा गया था। इसके लिए उसको 20 हजार रुपये प्रति अभ्यर्थी दिया जाता था। रामबरन, दिलीप व शुभम फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। गिरोह में किसी रामप्रकाश का नाम भी सामने आया है।