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Lucknow: आठ लाख रुपये के कमीशन के विवाद मे हुई थी प्रॉपर्टी डीलर की हत्या, पार्टनर ने कराई थी वारदात

Mon, 19 Jun 2023 04:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ

सार

पुलिस ने लखनऊ के पीजीआई इलाके में हुई प्रॉपर्टी डीलर की हत्या का खुलासा कर दिया है। खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है।
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प्रॉपर्टी डीलर अमित कुमार (बायें) - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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पीजीआई इलाके में 12 जून को प्रॉपर्टी डीलर अमित कुमार की हत्या आठ लाख रुपये के विवाद में उसके पार्टनर ने ही कराई थी। पुलिस ने हत्या का खुलासा करते हुए पार्टनर आशीष यादव, उसके भाई, कंपनी के ब्रोकिंग एजेंट रोहित यादव और एक प्लंबर को को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से हत्या में इस्तेमाल की गई .32 बोर की मुंगेर की बनी पिस्टल और बाइक भी मिली है। पुलिस आयुक्त ने इस ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।

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एडीसीपी पूर्वी अली अब्बास ने बताया कि अमित कुमार की हत्या के मामले में फुटेज से न तो हमलावरों का चेहरा साफ मिल पा रहा था और न ही बाइक का नंबर। छानबीन शुरु की तो पता चला कि वारदात से एक घंटा पहले अमित का पार्टनर मोहनलालगंज निवासी आशीष यादव और अमित की कंपनी में बतौर ब्रोकर काम करने वाला निगोहां निवासी रोहित यादव उसके दफ्तर से निकल कर गए थे।

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इसके बाद ही अमित की हत्या हो गई। पुलिस को अमित पर शक हुआ। जांच में पता चला कि रोहित व आशीष ने अमित की कंपनी के जरिये प्लाॅट की बिक्री कराई थी और दोनों का करीब आठ लाख कमीशन बना था। अमित ये रकम नहीं दे रहा था। अमित के सीए से बात करने पर यह भी पता चला कि 10 जून को अमित ने पत्नी सीमा को कंपनी का डायरेक्टर बनाने के लिए कुछ पेपर भी दिए थे। अमित अपने कंपनी के पार्टनर व डायरेक्टर आशीष यादव को हटाना चाहता था।

पुलिस ने शनिवार को आशीष को हिरासत में लिया। उसने कुबूला कि अमित की हत्या उसने अपने भाई मनीष कुमार और निगोहां निवासी सूरज रावत के साथ मिलकर की थी। हत्या में ब्रोकर रोहित यादव की भी भूमिका थी। इसके बाद पुलिस ने सूरज, रोहित और मनीष को गिरफ्तार किया।
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लूट की बात कहकर आरोपी सूरज को किया था तैयार, मनीष ने मारी थी गोली
एडीसीपी पूर्वी ने बताया कि मुख्य आरोपी आशीष यादव ने अपने भाई मनीष को सारी बात बताई थी। इसके बाद मनीष ने आशीष और रोहित के साथ मिलकर निगोहां के प्लंबर सूरज रावत से 10 जून को संपर्क किया। सूरज को बताया कि लूट की वारदात को अंजाम देना है और उसे सिर्फ बाइक चलानी है। बाइक के पीछे मनीष बैठ गया। इसके एवज में सूरज को 10 हजार रुपये भी दिए थे। साजिश के तहत 12 जून की रात बाइक सवार सूरज और मनीष प्रॉपर्टी डीलर अमित के दफ्तर के बाहर आकर खड़े हो गए। अमित अपने कर्मचारी अतुल के साथ जैसे ही निकला, बाइक सवार मनीष ने उसे गोली मार दी और फिर वहां से फरार हो गए।

आरोपी भाइयों को पिता से मिला था असलहा
एडीसीपी पूर्वी के अनुसार, पूछताछ में पता चला है कि आरोपी आशीष व मनीष के पास मुंगेर की पिस्टल थी। ये पिस्टल दोनों को कुछ समय पहले अपने पिता स्व. लाला राम से मिली थी। आरोपियों ने बताया कि 2020 में लाला राम व उनके भाई की जमीन के विवाद में सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में सभी आरोपी गिरफ्तार भी हुए थे।

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