लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में विदेशी विद्यार्थी और शिक्षक शोध व नवाचार गुणवत्ता को बढ़ाने के साथ ही उसे नया आयाम देंगे। इसके लिए विवि प्रशासन ने इस दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। कुलसचिव विद्यानंद त्रिपाठी ने महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘रिसर्चर इन रेजिडेंस’ के लिए सभी डीन और हेड को पत्र लिखा है कि वह इस संबंध में उपयुक्त व्यक्तियों के नाम कुलपति कार्यालय को उपलब्ध कराएं।
प्रवक्ता प्रो. दुर्गेश श्रीवास्तव ने बताया कि शोध में वैज्ञानिकता और सटीक परिणाम को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘रिसर्चर इन रेजिडेंस’ शुरू किया है। इसके तहत अंतरराष्ट्रीय शिक्षण संस्थानों के शिक्षक लविवि में शोध कार्य कर सकेंगे। इसके लिए विवि दुनिया भर के विभिन्न विषयों और संस्थानों के प्रतिष्ठित विद्वानों को अपने संस्थान में आमंत्रण के माध्यम से उनके ज्ञान का लाभ उठाएगा।
इस कार्यक्रम के तहत वह अपनी प्रतिभा और विशेषज्ञता को लविवि के साथ साझा कर यहां के शैक्षणिक माहौल को अधिक बेहतर बनाने में योगदान देंगे। ‘रिसर्चर इन रेजिडेंस’ में शिक्षक तीन माह के लिए लविवि परिसर में शोध कार्य करेंगे। उनके आवास, भोजन व अन्य जरूरतों की व्यवस्था विवि प्रशासन करेगा।
सुधरेगी रैंकिंग विश्व पटल पर होगा नाम
लविवि की डीन एकेडमिक प्रो. गीतांजलि मिश्रा ने बताया कि ‘रिसर्चर इन रेजिडेंस’ कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवि की रैंकिंग व ग्रेडिंग को बेहतर करने में मदद करेगा। इसके साथ ही यहां छात्रों को भी नए अनुसंधानों, नवाचारों को जानने के लिए प्रेरणा मिलेगी। इससे वह अपने शैक्षिक जीवन को शोधपरक बना पाएंगे। शिक्षक सेमिनार, कार्यशालाओं व शैक्षिक गतिविधियों में हिस्सा लेते हुए यहां के विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम करेगा।