लखनऊ। एएसपी श्वेता श्रीवास्तव के बेटे नामिश की सड़क हादसे में मौत के बाद तेज रफ्तार वाहन चलाने वाले 121 वाहन चालकों के खिलाफ शुक्रवार को हजरतगंज कोतवाली में केस दर्ज कराया गया है। ये वह लोग हैं, जिनके वाहन का एक नवंबर से लेकर 24 नवंबर के बीच ओवर स्पीड में ड्राइविंग को लेकर दो या इससे अधिक बार चालान हुआ है। पुलिस ने पहली बार ओवर स्पीड को लेकर इतना बड़ा कदम उठाया है।
हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने बताया कि आईटीएमएस प्रभारी सुधीर बाबू की तहरीर पर शुक्रवार रात 121 वाहन चालकों के खिलाफ आईपीसी की धारा 279 (सार्वजनिक रास्ते पर जल्दबाजी से गाड़ी चलाने) और आईपीसी की धारा 336 (उतावलेपन या उपेक्षापूर्वक ऐसा कोई कार्य करना, जिससे मानव जीवन या किसी की व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा हो) के तहत केस दर्ज किया गया है। इन वाहनों के नंबर आईटीएमएस से हुए चालान की मदद से जुटाए गए हैं।
इंस्पेक्टर ने बताया कि मामले की विवेचना दरोगा अवधेश कुमार चतुर्वेदी को दी गई है। एफआईआर में जिन वाहनों का जिक्र किया गया है उनके मालिकों का नाम व पता आरटीओ से हासिल कर नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
जिन वाहनों के चालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, उसमें 102 वाहन लखनऊ के हैं। जबकि एक दिल्ली, एक गुजरात, एक महाराष्ट्र, एक पंजाब, चार कानपुर, एक गाजियाबाद, एक नोएडा, दो बरेली, एक हरदोई, एक लखीमपुर खीरी, दो सीतापुर, एक बहराइच, एक वाराणसी और एक झांसी का वाहन शामिल है।
शहर में तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश के लिए पहली बार पुलिस ने इतना बड़ा कदम उठाया है। एएसपी श्वेता श्रीवास्तव के बेटे की मौत के बाद ओवर स्पीड पर रोक के लिए पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी है। हादसे के बाद से रोज शहर भर में तेज रफ्तार वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। ओवर स्पीड पर रोक के लिए सड़क पर जगह-जगह बैरिकेडिंग लगवाए गए हैं। ओवर स्पीड से चलने वालों के खिलाफ पुलिस पहली बार इतनी सख्ती बरत रही है।