कैसरबाग के बंगाली टोला में अपनी ही मालकिन की जान लेने वाली पिटबुल ब्राउनी अब डॉग ट्रेनर के पास रहेगी। खास बात यह है कि ब्राउनी बृहस्पतिवार को अपने मालिक अमित त्रिपाठी के पास जाने में आनाकानी कर रही थी। हालांकि नगर निगम ने उसे उसके मालिक अमित को ही सौंपा। अमित ने तय किया कि वे उसे डॉग ट्रेनर के पास रखेंगे। इसे लेकर अमित ने लिखित रूप से अंडरटेकिंग भी दी है।
ब्राउनी को 12 जुलाई को नगर निगम जरहरा श्वान केंद्र में लाया गया था, जहां उसे गत बुधवार को 14 दिन पूरे हो गए थे। इस दौरान ब्राउनी का मिजाज बिल्कुल सामान्य हो गया है। नगर निगम के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा ने बताया कि पहले एक-दो दिन तो ब्राउनी गुमसुम रही, लेकिन उसके बाद से देखरेख करने वाले केंद्र के कर्मचारियों के साथ सामान्य व्यवहार कर रही थी। एक सप्ताह से तो वह कर्मचारियों के साथ आराम से खुले में उनके हाथों से खाना खा रही थी। ब्राउनी का व्यवहार बिल्कुल सामान्य हो गया है। वह कर्मचारियों के साथ इतना घुलमिल गई है अपने मालिक के पास जाने में भी आनाकानी कर रही थी। अभी उसकी नसबंदी भी नहीं की गई है।
पड़ोसियों को है पिटबुल से आपत्ति
श्वान लाइसेंस उपविधि 2003 में प्रावधान है कि यदि पड़ोसी को आपत्ति है तो श्वान का लाइसेंस नगर निगम निरस्त कर देगा और उसे जब्त कर लेगा। पिटबुल ने जब अपनी मालकिन को मार डाला था, तब नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची थी। वहां पड़ोस के लोग इससे काफी डरे हुए थे। उनको पिटबुल को यहां रखने को लेकर आपत्ति है, इसीलिए उसे अभी डॉग ट्रेनर के पास रखा गया है। बाद में वह उनके रिश्तेदार को सौंप दी जाएगी।