राजकीय यूनानी मेडिकल कॉलेजों के पांच रीडर को प्रोफेसर पद पर प्रोन्नति दी गई।
इनमें डॉ. मो.यासीन आजमी, डॉ. मजाहिर आलम, डॉ. बरकत उल्ला नदवी, डॉ. नईमुद्दीन अंसारी, डॉ. नजीब हंजला अम्मार शामिल हैं।
यह प्रमोशन शिथिलीकरण नियमावली-2006 के तहत पदोन्नति के मामले में दायर याचिका पर हाईकोर्ट के आदेश के बाद दिया गया है।
चिकित्सा शिक्षा विभाग की विशेष सचिव शारदा सिंह के अनुसार रीडर से प्रोफेसर बनने के लिए न्यूनतम 6 साल का अनुभव होना चाहिए।
केंद्रीय भारतीय चिकित्सा परिषद के मानकों को पूरा करने के लिए शिथिलीकरण के तहत यह शासनादेश जारी किया गया है।
इसमें डॉ. यासीन को एक वर्ष दो माह और अन्य को एक वर्ष पांच माह का शिथिलीकरण दिया गया है।