तेलीबाग स्थित मत्स्य अनुवांशिक संस्थान सभागार में मंगलवार को मत्स्य जैव विविधता प्रबंधन एवं सदु
लखनऊ। तेलीबाग स्थित मत्स्य अनुवांशिक संस्थान सभागार में मंगलवार को मत्स्य जैव विविधता प्रबंधन एवं सदुपयोग विषय पर कार्यशाला हुई। अतिथियों ने मछली पालन और जैव विविधता, उसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्व निदेशक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने कहा कि मछलियां हमारे लिए भोजन, पोषण और आजीविका के साथ ही विशेष धरोहर भी हैं। उनका संरक्षण अगली पीढ़ी के लिए भी जरूरी है। भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून के प्रभागाध्यक्ष डॉ. जेए जांसन व संस्थान के निदेशक काजल चक्रवर्ती सहित अन्य शामिल हुए।
तेलीबाग स्थित मत्स्य अनुवांशिक संस्थान सभागार में मंगलवार को मत्स्य जैव विविधता प्रबंधन एवं सदु