रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) एमबीबीएस डॉक्टरों की पहली खेप तैयार हो गई है। प्रदेश में यह पहला एम्स है, जहां से डॉक्टर पास होकर निकल रहे हैं। पहले बैच के 34 छात्र-छात्राएं डॉक्टर बन गए हैं, लेकिन उपस्थिति कम होने के कारण 16 बच्चों को पूरक परीक्षा देनी होगी।
एम्स के रजिस्ट्रार डॉ. भोलानाथ ने बताया कि वर्ष 2019 में एमबीबीएस के पहले बैच की पढ़ाई शुरू हुई थी। पहले बैच में 50 बच्चे शामिल किए गए थे। पढ़ाई पूरी होने के बाद परिणाम घोषित किए गए हैं। पहले बैच में 34 बच्चे पास हुए हैं।
मेडिकल कॉलेज में उपस्थिति कम होने के कारण एमबीबीएस के 16 छात्र-छात्राओं को पूरक परीक्षा जल्द ही पास करनी होगी। यह परीक्षा पास करने के बाद वे भी डॉक्टर बन जाएंगे। खास बात यह है कि प्रदेश में यह पहला एम्स है, जहां एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद डॉक्टरों की पहली खेप निकल रही है।
एम्स में ही करेंगे इंटर्नशिप
एमबीबीएस का परिणाम आने के बाद छात्र-छात्राओं में खुशी है। परिणाम आने के बाद एम्स मेडिकल कॉलेज के प्रथम बैच के उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को एक वर्ष का इंटर्नशिप करना होगा। इसके बाद उनका कहीं भी चयन होगा। इंटर्नशिप भी इसी माह शुरू करा दी जाएगी।
एम्स में एमबीबीएस के पहले बैच का परिणाम आ गया है। उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को सफलता पर बधाई। अस्पताल में पढ़ाई के साथ ही मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है।
- डॉ. अरविंद राजवंशी, निदेशक एम्स