सीतापुर जिले में सिधौली कोतवाली इलाके में बीती देर रात शॉर्ट सर्किट से एक साड़ी की दुकान में आग लग गई। इसकी चपेट में आकर दुकान मालिक की वृद्ध मां जिंदा जल गई। दमकल और कई थानों की पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अग्निकांड में लगभग 90 लाख रुपये के नुकसान की आशंका है।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला गोविंद नगर कमल तिराहे से कोतवाली जाने वाली रोड पर शोभना साड़ी सेंटर है। इस दुकान को कुलवंत सिंह और उनका बेटा मनप्रीत सिंह उर्फ रोमी चलाता है। पूरा परिवार दुकान के ऊपर घर में रहता है। सोमवार रात दुकान में आग लग गई। इस दौरान कुलवंत सिंह की मां अमृत कौर (90) दुकान के पास बने एक कमरे में सो रही थी। आग लगने पर परिजनों को जानकारी देनी चाही, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। जब आग का धुआं पहली मंजिल पर पहुंचा। तब घर के अन्य लोगों को घटना की जानकारी हो सकी।
उन्होंने नीचे आने का प्रयास किया लेकिन वह नीचे नहीं आ सके। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर सीओ सिधौली यादवेंद्र यादव, इंस्पेक्टर ब्रजेश त्रिपाठी समेत करीब छह दमकल विभाग की गाड़ियां पहुंची। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। घर के ऊपरी तल पर फंसे दुकान मालिक व परिवार ने सामने के घर पर लोहे की रॉड लगाकर उसके सहारे उतर कर जान बचाई। सीओ यादवेंद्र यादव ने बताया कि साड़ी की दुकान में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगी। प्रथम दृष्टया आग का कारण शॉर्ट सर्किट होना प्रतीत हो रहा है। दुकान मालिक ने 90 लाख रुपये के नुकसान की आशंका जताई है।
बजाती रही घंटी नहीं आया कोई
सीओ ने बताया कि मृतक महिला दुुकान के पास बने एक कमरे में ही सोती थी। उसके पास एक घंटी लगी हुई थी। जब कभी उसे कोई जरूरत होती थी, तो वह घंटी बजाकर परिजनों को बुला लेती थी। आग लगने के बाद भी लगातार उसने घंटी बजाई लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। जब धुआं ऊपर की ओर आने लगा तब परिजनों को घटना की जानकारी हो सकी ।
दोहरा गम झेल रहा परिवार
घटना के बाद पूरे परिवार को दोहरे गम की मार पड़ी है। पहली वृद्धा की मौत व दूसरी दुकानदार की कमाई पर पानी फिर गया। मनप्रीत सिंह उर्फ रोमी ने बताया कि दुकान में 90 लाख के कीमत की साड़ियां व कपड़े जलकर राख हो गए। गल्ले में रखी चार लाख की नकदी व फर्नीचर भी जलकर राख हो गया। उसने बताया कि दीपावली को देखते हुए उसने 30 लाख का माल उधार लेकर दुकान में भरा था। दस साल पहले उसने दुकान खोली थी। उसने बताया कि दुकान का बीमा भी नहीं था, जिससे भरपाई हो सके। जनहानि होने के कारण प्रशासन ने चार लाख रुपये की सहायता देने का आश्वासन दिया है।