मलिहाबाद। रहीमाबाद के एक गांव में घर की पहली मंजिल पर अंगीठी से आग लग गई। इससे परिवार के पांच लोग लपटों व धुएं के बीच फंस गए। चीख-पुकार सुन ग्रामीणों ने सीढ़ी लगाकर परिवार को सुरक्षित निकालकर फायर कंट्रोल रूम में सूचना दी। हालांकि, दमकल टीम पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने खुद आग पर काबू पा लिया।
चौक एफएसओ पुष्पेंद्र कुमार के मुताबिक रहीमाबाद के अहमदाबाद कटौली गांव निवासी किराना व्यापारी राकेश कुमार की ढाई वर्ष की बेटी साक्षी व नौ वर्ष का बेटा सारस रविवार रात 12:30 बजे मकान की पहली मंजिल पर आंगन में रखी अंगीठी से आग ताप रहे थे। कुछ देर बाद दोनों बच्चे जलती अंगीठी छोड़कर कमरे में परिजनों के साथ सोने चले गए।
रात एक बजे धुएं से घुटन के कारण राकेश की आंख खुली तो देखा कि आंगन में आग लग गई है। राकेश ने पूरे परिवार को जगाया और सीढ़ी की तरफ भागे तो देखा कि वहां भी लपटें उठ रही थीं और पूरे घर में धुआं भरा था। इससे कुछ दिख भी नहीं रहा था। इसके चलते राकेश, उनकी पत्नी सोनी, दोनों बच्चे व पिता छेद्दू वहीं फंस गए।
धुएं से सबका दम घुटने लगा। सांस लेने में परेशानी होने लगी। पूरा परिवार चीख-पुकार मचाने लगा। इस पर आसपास के लोग घरों से निकल आए और आनन-फानन मकान में सीढ़ी लगाकर पांचों लोगों को सकुशल बाहर निकाला।
एफएसओ चौक का कहना है कि फायर कंट्रोल रूम में आग लगने की सूचना दी गई थी। राकेश खुद भी सबमर्सिबल चलाकर ग्रामीणों की मदद से आग बुझाने में जुट गए थे। इसके चलते अग्निशमन टीम पहुंचने से पहले ही लोगों ने करीब एक घंटे में आग बुझा ली। एफएसओ चौक पुष्पेंद्र के मुताबिक अग्निकांड में कोई जनहानि नहीं हुई है। उधर, पीड़ित राकेश के मुताबिक हादसे में घर में रखा ढाई लाख रुपये का दुकान का सामान जल गया।