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कॉम्प्लेक्स में आग, एक जिंदा जला: बिल्डिंग से निकलने का था सिर्फ एक रास्ता, शीशे तोड़ रस्सी और सीढ़ी से निकाला

Wed, 01 Feb 2023 11:41 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लखनऊ के बादशाहनगर के कॉम्प्लेक्स में आग लगने से एक की जिंदा जलकर मौत हो गई। जिम में फंसे 25 लोगों को रस्सी और सीढ़ी की मदद से बाहर निकाला। करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में दमकल की आठ गाड़ियां लगानी पड़ीं। 
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लखनऊ में कॉम्पलेक्स में आग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखनऊ के बादशाहनगर में एसएस कॉम्प्लेक्स की पहली मंजिल पर स्थित ई-रिक्शा बैट्री चार्जिंग सेंटर में मंगलवार शाम आग लग गई। हादसे में सेंटर पर मौजूद कर्मचारी जिंदा जल गया। वहीं, धुआं भरने से दूसरी मंजिल पर जिम में कसरत करने वालों की सांसें फूलने लगीं। 
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पुलिस और दमकल ने बिल्डिंग के शीशे तोड़ने के बाद बगल से सीढ़ियां लगाकर 25 लोगों को निकाला। करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में दमकल की आठ गाड़ियां लगानी पड़ीं। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को हादसे की वजह बताया जा रहा है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

एडीसीपी मध्य राजेश कुमार श्रीवास्तव गोमतीनगर के विराम खंड निवासी अनिल राठौर का बादशाहनगर में एसएस कॉम्प्लेक्स है। इसके भूतल पर बैंक का दफ्तर और पहली मंजिल पर दिल्ली के राहुल सिंह का ई-रिक्शा बैट्री चार्जिंग सेंटर है। दूसरी मंजिल पर ओलंपिया जिम है। शाम करीब साढ़े पांच बजे बैट्री चार्जिंग सेंटर में अचानक आग लग गई। चंद सेकेंड में यह पूरी दुकान में फैल गई। 
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इससे भीतर मौजूद तालकटोरा निवासी कर्मचारी अश्वनी तिवारी (35) को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिल सका और वह जिंदा जल गया। उधर, धुआं भरने से जिम में मौजूद करीब 25 लोगों भी फंस गए। करीब एक घंटे की जद्दोजहद के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान जिम से सभी लोगों को सुरक्षित निकाला गया। डीएम सूर्यपाल गंगवार व मेडिकल की टीम भी मौके पर मौजूद रही।
 

धमाकों के साथ फटीं बैटरियां, इलाका दहला
चार्जिंग सेंटर में आग लगने के बाद एक के बाद एक चार-पांच बैटरियां तेज धमाकों के साथ फटीं। इससे पूरा इलाका दहल गया। कॉम्प्लेक्स में मौजूद लोग दहशत में आ गए। धमाकों के चलते दमकल कर्मचारियों को भी खतरा था। हालांकि, किसी तरह आग बुझाई गई, जिससे यह आसपास नहीं फैली।

कॉम्प्लेक्स से सटा हुआ है पेट्रोल पंप
कॉम्प्लेक्स से सटा इंडियन ऑयल का पेट्रोल पंप है। आग लगते ही इसे बंद कर दिया गया। इसके साथ ही पंप पर काम करने वाले कर्मचारी राजू तिवारी, पन्ने लाल, बिहारी, नईम व महेश शर्मा अग्निशमन उपकरण लेकर दौड़े। दमकल के आने से पहले ही कर्मचारी राहत बचाव में जुट गए। चीफ फायर ऑफिसर मंगेश कुमार ने बताया कि जांच के बाद स्पष्ट होगा कि आग कैसे लगी।

फायर एनओसी भी नहीं
एसएस कॉम्प्लेक्स से निकलने का दूसरा रास्ता बिल्डिंग में नहीं था। ऐसे में आग लगी तो लोगों को निकालना मुश्किल हो गया। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि बिल्डिंग की फायर एनओसी नहीं थी। इसमें पार्किंग भी नहीं है। मानक ताक पर रखकर बिल्डिंग का निर्माण कराया गया। एलडीए ने अपने स्तर से जांच शुरू की है।

पहली मंजिल पर आग फैलने के बाद जिम में फंसे लोग जब निकलने का प्रयास कर रहे थे तो सीढ़ियां पार नहीं कर पा रहे थे। सीढ़ियों तक लपटें आने से वे फिर दूसरी मंजिल पर चले गए। यहां से बाहर आने का कोई रास्ता नहीं था। सूत्रों के मुताबिक बिल्डिंग अवैध है। एलडीए इसकी जांच कर रहा है।

 
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पास के लोगों ने बताया कि बैटरी चार्ज करवाने के लिए आने वाले आधी सड़क तक ई-रिक्शा खड़े कर देते हैं। इसे लेकर कई बार टोकने पर भी दुकान मालिक पर कोई असर नहीं पड़ा। आशंका है कि लोड बढ़ने से शॉर्ट सर्किट हुआ और आग लग गई। जिम में फंसे लोगों को बचाने के लिए दमकलकर्मी अंदर घुसे तो सांस लेना भी मुश्किल था। इस दौरान हथौड़े से कांच तोड़ते वक्त फायर मैन मिथुन पटेल जूते में कांच घुसने से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने कांच तोड़ा और फिर नीचे आए।
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