प्रयागराज के हंडिया निवासी ट्रांसपोर्ट व्यवसायी रामपूजन तिवारी से शराब व बियर की डीलरशिप दिलाने के नाम पर 17 लाख की ठगी की गई।
रामपूजन तिवारी ने डीसीपी दक्षिणी से शिकायत की। इसके बाद सुशांत गोल्फ सिटी थाने की पुलिस ने धर्मेंद्र बिंद, विजय विश्वकर्मा, आलोक सिंह और सतेंद्र विश्वकर्मा पर केस दर्ज कर लिया।
जालसाजों ने खुद को एलेक्जेंड्रा स्पाइस कंपनी का डायरेक्टर व अधिकारी बताया था। रामपूजन तिवारी ने बताया कि उनका टीआरसी रोड लाइंस के नाम से ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय है।
वर्ष 2021 में धर्मेंद्र बिंद व विजय विश्वकर्मा ने चीफ मार्केटिंग ऑफिसर आलोक सिंह व डायरेक्टर सतेंद्र विश्वकर्मा से मुलाकात कराई थी।
दोनों ने एलेक्जेंड्रा स्पाइस नाम की कंपनी की डीलरशिप देने का झांसा दिया था। दोनों बताया था कि कंपनी का ऑफिस शहीद पथ ओमेक्स स्थित एल्डिको व साइट ऑफिस मुंबई अंधेरी में है।
22 जनू 2021 को रकम लेने के बाद भी न तो डिस्ट्रीब्यूटरशिप मिली और न ही सप्लाई दी गई। आजिज आकर रकम वापस मांगी तो सतेंद्र ने दो चेक दिए जो बाउंस हो गए थे।
क्रिप्टो करेंसी का लालच दे खाते से उड़ाए 1.42 लाख
साइबर ठगों ने क्रिप्टो करेंसी का लालच देकर सर्वज्ञ पांडेय के खाते से 1.42 लाख रुपये पार कर दिए। पीड़ित ने पीजीआई थाने में केस दर्ज कराया है। पीजीआई इलाके के सरस्वतीपुरम निवासी सर्वज्ञ पांडेय का बचत खाता इंडसइंड बैंक कर वृंदावन योजना शाखा में है। उन्होंने बताया कि चार जनवरी को एक कॉल आई। जालसाज ने क्रिप्टो करेंसी (बिट क्वाइन) का लालच दिया। इसके बाद टेलीग्राम एप के माध्यम से तीन बार में खाते से 1.42 लाख रुपये यस बैंक के खाते में ट्रांसफर करा लिए। क्रिप्टो करेंसी न मिलने पर रकम वापस मांगी तो जालसाज ने तीस हजार की डिमांड की। इस पर उन्हें ठगी का अहसास हुआ।