- गोमतीनगर, सरोजनीनगर, साइबर थाने, गाजीपुर और बिजनौर थाने में मुकदमा
संवाद न्यूज एजेंसी
लखनऊ। साइबर जालसाजों ने डीजीपी कैंप कार्यालय में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर सहित छह लोगों को करीब सात लाख की चपत लगा दी। पीड़ितों ने गोमतीनगर, सरोजनीनगर, साइबर थाने, गाजीपुर और बिजनौर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सरोजनीनगर के जागृति विहार निवासी बलवेंद्र प्रताप डीजीपी दफ्तर में कंप्यूटर ऑपरेटर हैं। उन्होंने डॉक्टर बीपी सिंह का अप्वॉइंटमेंट लेने के लिए इंटरनेट से नंबर लेकर कॉल की। फोन उठाने वाले ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फीस जमा करने के लिए कहा। बताए गए नंबर पर ट्रांजेक्शन करते बलवेंद्र के खाते से 50 हजार रुपये कट गए। वहीं, सुशांत गोल्फ सिटी निवासी शिवम पाल ने सीमेंट खरीदने के लिए ई-कॉमर्स वेबसाइट से नंबर हासिल कर संपर्क किया। फोन उठाने वाले सस्ते दाम में सीमेंट देने की बात कही और डेढ़ लाख रुपये ऐंठ लिए। इसके अलावा गोमतीनगर के विरामखंड निवासी निकिता सिंह ने फेसबुक के एक पेज पर फर्नीचर बिक्री का विज्ञापन देखा। इसमें दिए गए नंबर पर कॉल करने पर जालसाजों ने उनको बातों में फंसाकर 1. 80 लाख रुपये ठग लिए। वहीं, विश्वासखंड निवासी विनोद कुमार सिंह से फ्लैट खरीदने और एडवांस भुगतान के नाम पर जालसाज ने 1.38 लाख रुपये ठग लिए।
इसके अलावा इंदिरानगर के सेक्टर सी इलाके में रहने वाले हरिराम वर्मा ने घर किराये पर देने के लिए ऑनलाइन विज्ञापन पोस्ट किया था। दीपक पवार नाम के एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और खुद को सीआईएसएफ जवान बताते हुए मकान किराए पर लेने की बात कही। जालसाज ने किराया एडवांस देने के बहाने उनके खाते से दो बार में 87 हजार रुपये निकाल लिए। वहीं, बिजनौर स्थित सीआरपीएफ कैंप दफ्तर में तैनात एआईआई/आरओ रमेश सिंह के पास चंद रोज पहले एक अनजान नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने क्रेडिट कार्ड पर रिवॉर्ड प्वाॅइंट मिलने की बात कहते हुए जाल में फंसाकर पीड़ित से क्रेडिट कार्ड से 97 हजार रुपये का ट्रांजेक्शन कर लिया।