लखनऊ। आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) लखनऊ में तैनात दरोगा सांवल प्रसाद पर सुशांत गोल्फ सिटी थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और धमकी देने की धारा में केस दर्ज किया गया है। ईओडब्ल्यू के एएसपी महेंद्र पाल सिंह की तहरीर पर पुलिस ने कार्रवाई की है। आरोप है कि शाइन सिटी संबंधी केसों से जुड़े आरोपियों से दरोगा ने रिश्वत में नकदी और जमीन की मांग की थी। दरोगा को निलंबित कर दिया गया है।
सुशांत गोल्फ सिटी के इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार गिरि ने बताया कि दरोगा सांवल प्रसाद शाइन सिटी से संबंधित 18 केसों की विवेचना कर रहे थे। एक विवेचना में सामने आया कि गोसाईंगंज निवासी दुर्गेश सोनी ने मोहनलालगंज के हबुआपुर में स्थित अपनी दो बीघा जमीन शाइन सिटी को बेंची थी। इसके एवज में एक करोड़ 64 लाख रुपये उनके खाते में पहुंचे थे। पिछले साल विवेचक सांवल ने पूछताछ करने के लिए दुर्गेश से संपर्क किया। इसके बाद फोन पर दुर्गेश से चार लाख रुपये व 4 हजार वर्ग फीट जमीन की मांग की। विरोध करने पर धमकी दी कि वह उसे जेल भेज देंगे। फोन पर हुई बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग ईओडब्ल्यू के अफसरों तक पहुंची थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि जांच के बाद ईओडब्ल्यू की तरफ से अब आरोपी दरोगा पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। साक्ष्यों के आधार पर विवेचना कर कार्रवाई की जाएगी।
आवाज का हुआ मिलान, छिनीं विवेचनाएं
पिछले साल जब मामले की कॉल रिकॉर्डिंग ईओडब्ल्यू के पास पहुंची थी तो डीएसपी श्यौदान सिंह ने मामले की प्रारंभिक जांच की। दुर्गेश के बयान लिए। कॉल रिकॉर्डिंग उसके मोबाइल से लेकर फोरेंसिक में भेजी गई। दरोगा का वॉयस सैंपल लिया गया। जांच में रिकॉर्डिंग से दरोगा का वॉयस सैंपल मैच किया। इन सभी साक्ष्यों के आधार पर जांच में उसे दोषी बनाया गया। उससे सभी विवेचनाएं अब वापस ले ली गई हैं। विभागीय स्तर पर भी विस्तृत जांच उसके खिलाफ शुरू हुई है। मामले में आरोपी दरोगा की बर्खास्तगी तक हो सकती है।