लखनऊ। हजरतगंज कोतवाली में महानगर निवासी कारोबारी रोहितवीर सिंह ने मुंबई की आयोसिस स्पा एंड वेलनेस कंपनी की एमडी किरन बावा और डायरेक्टर विनय भसीन समेत छह लोगों पर ठगी का आरोप लगा केस दर्ज कराया है। रोहित का कहना है कि किरन बावा ने बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी कुंद्रा को अपनी कंपनी का ब्रांड अंबेसडर बताते हुए आकर्षक कमाई का ऑफर देते हुए फ्रेंचाइजी दी थी। उन्होंने किरन बावा के झांसे में आकर कंपनी में लाखों रुपये निवेश कर दिए। नुकसान होने पर कंपनी के अधिकारियों ने सेंटर बंद करने की धमकी दी। एसीपी हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा का कहना है कि आयोसिस स्पा कंपनी की एमडी व डायरेक्टर समेत अन्य लोगों के खिलाफ विभूतिखंड थाने में भी ठगी का एक केस दर्ज है। मामले की जांच की जा रही है। रोहितवीर ने बताया कि वे मिदासदीप इंटरप्राइजेज नाम की कंपनी चलाते हैं। वर्ष 2018 में आयोसिस स्पा एंड वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मैनेजर ने उन्हें बताया कि हजरतगंज में कंपनी की फ्रेंचाइजी खाली हो गई है। अगर वह निवेश को तैयार हैं तो कंपनी उन्हें फ्रेंचाइजी दे सकती है। मैनेजर रोहितवीर को मुंबई स्थित आयोसिस कंपनी के मुख्यालय ले गए जहां उनकी मुलाकात एमडी किरन बावा से हुई। किरन का कहना था कि बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी कुंद्रा कंपनी की ब्रांड अंबेसडर हैं और उनकी फ्रेंचाइजी का उद्घाटन वही करेंगी। उसने शिल्पा शेट्टी के कंपनी का प्रचार करते हुए कई फोटो भी दिखाए। इस दौरान किरन बावा ने उन्हें कंपनी के लाभ में होने के कई दस्तावेज भी दिखाए। रोहितवीर निवेश को तैयार हो गए तो किरन ने उनसे कुछ सादे कागजों पर हस्ताक्षर कराए। कहा कि फ्रेंचाइजी की तय रकम देने के बाद रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कर दिया जाएगा। किरन बावा ने आकर्षक कमाई का लालच दिया। रोहितवीर का कहना है कि किरन बावा और कंपनी के डायरेक्टर विनय भसीन ने कंपनी में कर्मचारियों की नियुक्ति, सामान की आपूर्ति समेत अन्य अधिकार अपने हाथ में ले रखे थे और कर्मचारियों के वेतन, बिजली बिल, भवन का किराया, सामान की खरीदारी समेत अन्य सारे खर्चे उनके जिम्मे छोड़ रखे थे। यही नहीं कंपनी ने एकतरफा एग्रीमेंट बनाकर उन्हें भेज दिया। स्पा सेंटर आयोसिस कंपनी के एक सॉफ्टवेयर से संचालित होता था जिसका शुल्क प्रति तिमाही 18,000 रुपये था। यह सॉफ्टवेयर मुंबई स्थित कंपनी के मुख्यालय से संचालित होता था। अक्सर समस्या बताने पर एमडी किरन बावा सॉफ्टवेयर बंद करने की धमकी देती थीं। सेंटर की सारी कमाई कंपनी के खाते में जा रही थी इसलिए धीरे-धीरे रोहितवीर को घाटा होने लगा। रोहितवीर का कहना है कि कंपनी स्टाफ के वेतन और इंक्रीमेंट का दबाव बनाती थी। ग्राहकों को जरूरत से ज्यादा डिस्काउंट देती थी। उसने परेशान होकर फ्रेंचाइजी के पूर्व संचालकों से संपर्क किया तो असली कहानी सामने आई। पूर्व संचालकों ने बताया कि कंपनी के मालिक मनमानी करते हैं। पहले लालच दिखाकर फ्रेंचाइजी देते हैं, फिर मानसिक व आर्थिक उत्पीड़न शुरू कर देते हैं। इससे संचालकों को घाटा होने लगता है। फ्रेंचाइजी न चला पाने पर कंपनी उसे खुद चलाने लगती है। कंपनी ने मुंबई में केस दर्ज करा बंद कर दिया सेंटर रोहितवीर का कहना है कि जुलाई 2019 को कंपनी की एमडी व डायरेक्टर लखनऊ आए थे। उनसे मुलाकात के दौरान समस्याओं पर चर्चा हुई तो किरन बावा ने जल्द सब ठीक करने का आश्वासन दिया। रोहितवीर ने रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कराने की बात कही तो उन्होंने टाल दिया। रोहितवीर का कहना है कि उन्होंने सेंटर को घाटे से उबारने के लिए कुछ सुधार के प्रयास किए तो आयोसिस कंपनी के संचालकों ने मुंबई में उनके खिलाफ केस दर्ज करा दिया। किरन बावा ने आर्बिट्रेशन के तहत सेंटर भी बंद करा दिया। दिसंबर 2019 को किरन बावा सेंटर पहुंची और स्टाफ व ग्राहकों से अभद्रता की। पहले भी कंपनी कर चुकी है एक करोड़ की ठगी रोहितवीर का आरोप है कि सेंटर में काम करने वाले इश्राफिल धर्मजवाला, नवनीत सुलझाना, जयेश, शैलेश भी किरन बावा के इशारे पर काम करते थे और सेंटर पर मनमानी करते थे। इस बीच पता चला कि विभूतिखंड थाना में अरनव इंटरप्राइजेज की प्रोपराइटर ज्योत्सना चौहान से भी कंपनी ने फ्रेंचाइजी के नाम पर करीब एक करोड़ रुपये की ठगी की है। ज्योत्सना ने किरन बावा, विनय भसीन समेत अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और ठगी की धाराओं में एफआईआर कराई है। यह जानकारी पाकर रोहितवीर ने हजरतगंज कोतवाली की पुलिस से संपर्क कर अपनी तरफ से एफआईआर दर्ज कराई।