लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के अंतिम वर्ष के छात्र घर बैठे ऑनलाइन परीक्षा देंगे। वहीं, प्रथम से चतुर्थ वर्ष तक के छात्रों को उनके इंटरनल और पूर्व सेमेस्टर परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर प्रमोट कर दिया जाएगा। शनिवार शाम विवि की एकेडमिक काउंसिल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। यूजीसी के निर्देशों और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों को ध्यान में रखकर परीक्षा संबंधी निर्णय लिए गए। लोहिया विधि विश्वविद्यालय की परीक्षाएं अप्रैल में होनी थीं, लेकिन विश्वविद्यालय होली से पहले से ही बंद चल रहा है। लॉकडाउन के बाद परीक्षाएं कराने के प्रारूप को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। विवि के कुलपति प्रोफेसर एसके भटनागर ने बताया कि एकेडमिक काउंसिल की बैठक में बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा जारी नियमों के आधार पर परीक्षाएं कराने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि बीए एलएलबी के अंतिम वर्ष के छात्र घर बैठे परीक्षा देंगे। उन्होंने बताया कि चार विषय होते है, जिनमें से कोई दो विषय अनिवार्य होते हैं। छात्रों से तीन एस्से टाइप उत्तर संबंधी प्रश्न पूछे जाएंगे। इनमें से एक के प्रश्न का उत्तर देना अनिवार्य है। तीन में से दो प्रश्न लॉकडाउन लगने से पहले के टॉपिक से संबंधित होने चाहिए। छात्र एस्से टाइप उत्तर लिखकर उसे स्कैन कर संबंधित शिक्षक और परीक्षा नियंत्रक को भेज देंगे। उत्तर कॉपी पर हाथ से लिखना होगा। यदि कोई छात्र इस विधि से परीक्षा देने में असमर्थ हुआ तो विश्वविद्यालय खुलने पर परीक्षा दे सकेगा। कुलपति ने बताया कि इस तरह की परीक्षा के परिणाम से यदि कोई छात्र असंतुष्ट रहा तो वह इम्प्रूवमेंट के लिए आवेदन कर सकेगा। लेकिन इम्प्रूवमेंट में आने वाले अंक ही मान्य होंगे। उन्होंने बताया कि सेमेस्टर परीक्षा परिणाम रोलिंग आधार पर जारी किया जाएगा। जिन छात्रों को अपने रोजगार के लिए जल्द परिणाम चाहिए तो पहले दिया जाएगा। प्रमोट किए जाएंगे छात्र कुलपति प्रो. एसके भटनागर ने बताया कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियम के आधार पर विवि के प्रथम से चतुर्थ वर्ष के छात्रों को प्रमोट किया जाएगा। छात्रों को पूर्व के सेमेस्टर परीक्षा में प्राप्त अंक के 50 प्रतिशत और इंटरनल में प्राप्त अंक के 50 प्रतिशत अंक को जोड़कर प्रमोट किया जाएगा। लेकिन बाद में सभी प्रमोट किए गए छात्रों को लिखित परीक्षा देनी होगी। दो घंटे की होगी लिखित परीक्षा कुलपति ने बताया कि लिखित परीक्षा तीन के बजाय दो घंटे की होगी। प्रश्नों की संख्या में भी बदलाव होगा। उसके प्रारूप के बारे में बाद में दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। बताया कि एकेडमिक काउंसिल के सदस्यों की स्टैंडिंग कमेटी का गठन किया गया है। जो जरूरत पड़ने पर निर्णय ले सकते हैं। कमेटी में अध्यक्ष डॉ. वी विशालाक्षी, डॉ. वंदना सिंह, डॉ. मोनिका श्रीवास्तव और नोएडा के गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी के प्रो. एसके सिंह शामिल हैं।