अब भी बड़ा सवाल यही है कि एलडीए के गुनहगारों पर कार्रवाई कब होगी? पूर्व के मामलों में भी पूरी प्रक्रिया जांच पूरी कर चार्जशीट देने तक सीमित रह गईं। नाका होटल अग्निकांड, लेवाना सुइट्स होटल प्रकरण में भी आरोपी इंजीनियर, अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट देने के बाद आज तक जांचें पूरी नहीं हो पाईं, जिससे कार्रवाई होती।
एलडीए में जमा हुए अलाया अपार्टमेंट के नक्शे और उन पर कार्रवाई की फाइलें शुक्रवार को पूरे दिन तलाशी गईं। दोपहर बाद वीसी इंद्रमणि त्रिपाठी के निर्देश पर तालाबंद अलमारियों को भी तोड़ा गया, हालांकि देर शाम तक फाइलेें नहीं मिलीं। उधर, शाम को अपार्टमेंट पर एलडीए की कार्रवाई और इस दौरान वहां तैनात रहे इंजीनियर, सुपरवाइजर के नामों की जानकारी मंडलायुक्त की अध्यक्षता में बनी जांच समिति को उपलब्ध करा दी गई।
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एलडीए के एक अफसर ने बताया कि आमतौर पर उन फाइलों को ही सुरक्षित रखा जाता है, जिनके नक्शे स्वीकृत किए जाते हैं। नक्शा निरस्त होने पर फाइलों की जरूरत नहीं होती है। ऐसे में इन्हें रिकॉर्ड रूम भेज दिया जाता है। इस बिल्डिंग के मूल नक्शा और शमन मानचित्र को निरस्त किए हुए 12 साल से अधिक हो गए हैं। ऐसे में फाइल मिलना मुश्किल होगा। प्रवर्तन की कार्रवाई की फाइल मिल गई है, जिसे जांच समिति को उपलब्ध करा दिया जाएगा।
अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने बताया कि वीसी के निर्देश पर याजदान बिल्डर्स की इमारतों की तलाश कराई गई थी। अभी तक सात इमारतों की जानकारी मिली है। इनमें से प्राग नरायन रोड की दो और वजीर हसन रोड की एक इमारत ढह चुकी है। महानगर विस्तार, खुर्रमनगर आदि इलाकों में पांच और बिल्डिंग अभी मौजूद हैं। इन पर कार्रवाई के रिकॉर्ड तलाशे जा रहे हैं।
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एलडीए के गुनहगारों पर कार्रवाई कब?
अब भी बड़ा सवाल यही है कि एलडीए के गुनहगारों पर कार्रवाई कब होगी? पूर्व के मामलों में भी पूरी प्रक्रिया जांच पूरी कर चार्जशीट देने तक सीमित रह गईं। नाका होटल अग्निकांड, लेवाना सुइट्स होटल प्रकरण में भी आरोपी इंजीनियर, अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट देने के बाद आज तक जांचें पूरी नहीं हो पाईं, जिससे कार्रवाई होती।