बारावफात जुलूस के दौरान रास्ते और नारेबाजी को लेकर मोहरबा गांव में मंगलवार शाम दो पक्षों में संघर्ष हो गया।
धारदार हथियारों के हमले और पथराव में 12 लोग घायल हो गए। अराजक तत्वों ने तीन घरों और छह वाहनों को आग के हवाले कर दिया।
45 मिनट बाद पुलिस टीम पहुंची तो उस पर भी पथराव हुआ, जिसमें सीओ का हमराही घायल हो गया। मौके पर चार थानों की पुलिस और तीन ट्रक पीएसी बुला ली गई है।
आसपास के गांवों में लोगों को सतर्क कर दिया गया।
मोहरबा गांव की ओर जाने वाले सभी मार्गों को तीन किलोमीटर पहले सील कर दिया गया।
देर शाम तक जिलाधिकारी किंजल सिंह और एसपी मोहित गुप्ता ने मौके पर पहुंच कर हालात का जायजा लिया।
कोतवाली नानपारा अंतर्गत मोहरबा गांव नवाबगंज, नानपारा और रिसिया थाना क्षेत्र की सीमा पर बसा है।
मंगलवार को बारावफात का जुलूस परंपरागत तरीके से अमवाभारी बेलासपुर से पीरभितनी गांव के लिए रवाना हुआ।
जुलूस जब मोहरबा गांव के पास पहुंचा तो जुलूस में शामिल लोग नारेबाजी करने लगे।
ग्रामीणों ने उन्हें रोकते हुए दूसरे रास्ते से जाने को कहा।
इसी बात को लेकर कहासुनी के बाद दोनों पक्ष भिड़ गए।
इस दौरान कुछ शरारती तत्वों ने एक घर में घुसकर तोड़फोड़ और लूटपाट शुरू कर दी।
साथ ही ट्रैक्टर-ट्रॉली और दो बाइकों को आग के हवाले कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अराजक तत्वों ने पास के ही धार्मिक स्थल पर पथराव कर उसमें भी आगजनी करने की कोशिश की तो ग्रामीण दौड़ पड़े।
दोनों पक्षों में पथराव के साथ-साथ धारदार हथियारों का भी प्रयोग हुआ, जिसमें 12 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है।
45 मिनट तक चले संघर्ष के बाद सीओ नानपारा असलम खान मौके पर पहुंचे तो अराजक तत्वों ने उन पर भी पथराव कर दिया।
इस घटना में सिपाही प्रमोद यादव (23) जख्मी हो गया और सीओ की जीप भी क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों में तीन की हालत गंभीर है।