पांच दिवसीय आयोजन में लोकनृत्य संग पतंगबाजी, इक्का-तांगा दौड़, शतरंज प्रतियोगिता होगी
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। वाजिद अली शाह अवध महोत्सव का आयोजन संस्कृति विभाग व उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की ओर से 18 से 22 मार्च तक होगा। यह पहला मौका है जब महोत्सव पांच दिवसीय होगा।
अकादमी परिसर में होने वाले इस आयोजन में शास्त्रीय नृत्य कथक की प्रस्तुतियां होंगी, वहीं मयूर लोक नृत्य पेश किया जाएगा। अवध की गंगा जमुनी संस्कृति का संगीतमय स्वरूप, भजन-गजल और सूफी गायन के माध्यम से दर्शाया जाएगा। इस क्रम में कव्वाली, करमा लोक नृत्य, अवधी लोक गायन, ढेढ़िया लोक नृत्य, सूफी बैंड, नौटंकी, फरुवाही लोक नृत्य, किस्सागोई, कबीर वाणी, राई लोक नृत्य जैसी प्रभावी प्रस्तुतियां प्रस्तावित हैं।
पुतुल उत्सव का भी आकर्षण रहेगा। इसके साथ ही पतंगबाजी, इक्का तांगा दौड़ , शतरंज प्रतियोगिता, अवधी परिधान प्रतियोगिता भी इसके तहत होंगी।
मिलेट्स के बने व्यंजनों का उठाएं लुत्फ
मिलेट्स से बने व्यंजनों का भी आगंतुक लुत्फ उठा सकेंगे। बच्चों और युवाओं को इस महोत्सव से गायन और नृत्य प्रतियोगिताओं से जोड़ा जाएगा। हेरिटेज वॉक जहां नवाबी दौर को जीवंत करेगी वहीं अवधी व्यंजन, स्वाद के दीवानों को इस महोत्सव से जोड़ेंगे। अवधी शिल्पकला की प्रदर्शनी और विक्रय प्रदर्शनी भी लगेगी।
हिमांशु सुनाएंगे किस्से तो त्रिभुवन महाराज की होंगी कथक प्रस्तुतियां
अवध महोत्सव में हिमांशु बाजपेई किस्से सुनाएंगे तो वहीं पं. जयकिशन महाराज और पद्म विभूषण पं. बिरजू महाराज के पोते त्रिभुवन महाराज कथक की प्रस्तुति देंगे।
स्थानीय कथक नृत्यांगनाएं नेहा सिंह और कांतिका मिश्रा, कानपुर की डॉ. मेनका मिश्रा के गायन और स्थानीय किशोर चतुर्वेदी के सुगम गायन के बाद जयपुर से आमंत्रित पद्मश्री उस्ताद अहमद हुसैन मो. हुसैन गजल सुनाएंगे। मथुरा के कलाकार मयूर नृत्य कर शाम को विराम देंगे। माया निगम के कथक दल की प्रस्तुति, शिखा भदौरिया के अवधी लोक गायन और मध्य प्रदेश के मालवा निवासी कालूराम बमानियां के गायन के बाद मुम्बई से आमंत्रित ऐश्वर्या पंडित का सुगम गायन होगा। अन्य आकर्षण होंगे-प्रयागराज के ढेढ़िया लोकनृत्य, कथक नृत्यांगना विधि नागर कबीर द वीवर नृत्य नाटिका, पराक्रम बैंड के अलावा कई अन्य आकर्षण भी होंगे।