ऊंचाहार (रायबरेली)। गंगा कटरी में फसल की रखवाली करने गए एक किसान की गुरुवार रात रंजिश में गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसके जांघ के पास गोली लगी थी, जिससे काफी खून बह गया था। पुलिस अफसरों व फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए। देर शाम पुलिस ने गांव के ही सूरजपाल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया।
बहादुरगंज मजरे कोटरा बहादुरगंज निवासी शंभू मौर्य (45) गांव के पास पान की दुकान चलाता था। गंगा कटरी में बटाई पर खेत लेकर वह गेहूं व सब्जी की खेती भी करता था। गुरुवार रात खाना खाकर वह फसल की रखवाली करने खेत गया था। गांव का एक युवक भी उसके साथ था। गुरुवार देर रात करीब 12 बजे उसकी दाहिनी जांघ में संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लग गई। वह खेत में ही गिर पड़ा। काफी खून बह गया। जानकारी होने घरवाले उसे लेकर सीएचसी पहुंचे। हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
किसान के भाई भरतकूप ने बताया कि गांव के सूरजपाल से शंभू की रंजिश है। वह आए दिन गाली-गलौज करता था। उसने गोली मारकर भाई की हत्या की है। सूचना पर एएसपी नवीन कुमार सिंह, सीओ राजकिशोर सिंह, कोतवाल बालेंदु गौतम ने मौके पर पहुंचकर पड़ताल की। ऊंचाहार कोतवाल बालेंदु गौतम ने बताया कि किसान की पत्नी निर्मला की तहरीर पर गांव के ही सूरजपाल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। आरोपी को पकड़कर पूरे घटनाक्रम के बारे में पूछताछ की जा रही है। एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि तमंचे से गोली चलने से शंभू की जान गई है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
परिजन कहते रहे हुई हत्या, कोतवाल हादसा बताने पर तुले
ऊंचाहार कोतवाल और उनके मातहतों की कार्यशैली से परिजनों में आक्रोश है। परिजन कहते रहे कि शंभू की गोली मारकर हत्या की गई, लेकिन कोतवाल पहले दावा करते रहे कि स्वयं गोली चलने से उसकी मौत हुई है। परिजनों का आरोप है कि कोतवाल हत्या के मामले को हादसा बताकर घटना को दबाने की कोशिश करते रहे। भाई भरतकूप ने बताया कि उसने कोतवाली में हत्या किए जाने की तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस हादसा की तहरीर देने की बात कहती रही। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद हत्या का केस दर्ज हो सका।