रायबरेली। मेड़ के विवाद में मुकदमा दर्ज होने से परेशान एक किसान ने कलेक्ट्रेट परिसर में डीजल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। इस घटना से अफरातफरी मच गई। मौके पर मौजूद डीएम के सुरक्षाकर्मियों ने किसान से डीजल भरी बोतल छीन ली। रोत-बिलखते हुए परिवार के लोगों ने महराजगंज पुलिस पर ज्यादती किए जाने का आरोप लगाया। परिवार की बात सुनने पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट ने जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
महराजगंज कोतवाली के टूक गांव निवासी रामू मौर्य ने बंटाई पर खेत ले रखा है। वह धान की खेती की तैयारी कर रहा है। रामू मौर्य के मुताबिक 23 जून के करीब खेत में एक जगह छेद होने पर उसने फावड़े से मिट्टी भरकर डाल दी। इस पर पड़ोसी खेत के स्वामी ने खेत की मेड़ काटने का आरोप लगाकर कोतवाली में शिकायत की। इस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया।
रामू का कहना है कि एक दरोगा बराबर उसे आधार कार्ड लेकर कोतवाली बुला रहा था। थक हारकर 26 जून के रामू ग्रामीणों के साथ महराजगंज पहुंचा था, जहां पर कोतवाली प्रभारी के सामने ग्रामीणों ने साफ कहा था कि रामू ने मेड़ नहीं काटी है। दोनों पक्षों के बीच 2016 से एक मुकदमे को लेकर विवाद चल रहा है, जिस कारण यह हो रहा है।
कोतवाली प्रभारी ने मामला सुना, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। इस पर रामू ने एक जुलाई को डीएम और एसपी को शिकायती पत्र दिया था। इस पर डीएम हर्षिता माथुर ने एसडीएम महराजगंज को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। एसडीएम ने लेखपाल को मौके पर जांच करने के भेजा था। रामू के मुताबिक लेखपाल ने भी मौके पर पड़ताल के बाद माना था कि मेड़ काटी नहीं गई है। हालांकि, लेखपाल ने रिपोर्ट नहीं भेजी।
इसके बाद महराजगंज कोतवाली के दरोगा ने रामू को बुलाया और मुकदमे में कार्रवाई की बात कही। परेशान होकर रामू ने बड़े भाई, पिता जगदीश, पत्नी श्यामकली, भाभी सुनीता, बच्चों सांची और शिवांग के साथ बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान रामू ने डीजल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया तो अफरातफरी मच गई। सुरक्षाकर्मियों ने डीजल की बोतल छीन ली।
मामले की जानकारी होने पर सिटी मजिस्ट्रेट बाबूलाल ने पीड़ित पक्ष से बात की और जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। कहा कि उसे न्याय दिलाया जाएगा। उसके साथ कोई ज्यादती नहीं होने पाएगी।