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सुना है क्या: 'स्टार वालों के बिगड़े सितारे', साथ ही 'वायरल कराया इस्तीफा व सेवानिवृत्ति के बाद मौज' के किस्से

Tue, 01 Sep 2026 09:14 AM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासन में तमाम ऐसे किस्से हैं, जो हैं तो उनके अंदरखाने के... लेकिन, चाहे-अनचाहे बाहर आ ही जाते हैं। ऐसे किस्सों को आप अमर उजाला के "सुना है क्या" सीरीज में पढ़ सकते हैं। तो आइए पढ़ते हैं इस बार क्या है खास...
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सुना है क्या/suna hai kya - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासनिक गलियों में आज तीन किस्से काफी चर्चा में रहे। चाहे-अनचाहे आखिर ये बाहर आ ही जाते हैं। इन्हें रोकने की हर कोशिश नाकाम होती है। आज की कड़ी में 'स्टार वालों के बिगड़े सितारे' की कहानी। इसके अलावा 'पैसे देकर वायरल कराया इस्तीफा' और 'सेवानिवृत्ति के बाद भी मौज' के किस्से भी चर्चा में रहे। आगे पढ़ें, नई कानाफूसी...

स्टार वालों के बिगड़े सितारे

कुर्सी बचाने के लिए कमर के नीचे निशानेबाजी की बढ़ती बेअंदाजी पर मीलॉर्ड ने ऐसा फंदा कसा कि गर्दन फंसने की नौबत आ गई। देश की सबसे बड़ी एजेंसी को एक मामले की जांच का आदेश क्या हुआ, अफसरों से शाबाशी लेने वालों को रोना आ रहा है। ऊपर की चौखटों से भी राहत की उम्मीद न के बराबर है। वे पहले ही इस बेअंदाजी पर कई बार पेंच कस चुकी हैं। सुना है कि जो तलवार सजाने वाले अफसर आउट ऑफ टर्न परफार्मेंस के लिए दबाव बना रहे थे, अब फोन नहीं उठा रहे हैं। उनको इसका अंदाजा था। अब स्टार वाले किसी ज्योतिषी से अपना भविष्य पता लगाएं और स्टार दुरुस्त कराएं।

पैसे देकर वायरल कराया इस्तीफा

नौकरशाह ने इस्तीफा दिया और इसे सोशल मीडिया पर पैसे देकर खूब वायरल कराया। नौकरशाहों की पूरी बिरादरी में इसकी खूब चर्चा है कि आखिर इस्तीफे को वायरल कराने की क्या जरूरत आन पड़ी? ....वैसे भी यूं ही कुछ नहीं होता। यह नौकरशाह पिछले माह उस जिले में भी तीन दिन रुकीं, जहां पहले तैनात रही थीं। उनके टिकट के लिए इधर-उधर पैरवी भी शुरू हो गई है। टिकट का मामला दिल्ली से हैंडल हो रहा है। देखते हैं किधर बात बनती है?

सेवानिवृत्ति के बाद भी मौज

पुलिस विभाग की एक अहम इकाई में दो साल से नया पैटर्न लागू है। अधिकारी-कर्मचारी सेवानिवृत्त होते हैं और फिर उनको संविदा पर वहीं रख लिया जाता है। वह अधिकारी पूरी ताकत के साथ वहां जम गए हैं। एक साहब दो साल से कथित सेवा विस्तार का आनंद ले रहे हैं। सबका कट तय है। कहीं राज बाहर न जाए, इसलिए अपने लोगों को ही रखा जाता है। जो टीम के नहीं होते, वे सेवानिवृत्ति के बाद किनारे हो जाते हैं। इसकी ऊपर तक शिकायत भी हो चुकी है। फिलहाल मामला दबा हुआ है।

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