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फल शाक भाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी : फूलों से बने शिवलिंग और राम मंदिर की प्रतिकृति देख सीएम योगी ने की तारीफ

Fri, 17 Feb 2023 04:23 PM IST
लखनऊ ब्यूरो माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ

सार

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर भारत की सबसे बड़ी फल फूल प्रदर्शनी तीन दिन तक राजभवन के प्रांगण में होती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अन्नदाताओं की आमदनी को कई गुना बढ़ाने पर चर्चा करते हैं। अन्नदाताओं की आमदनी बढ़ाने के मामले में परंपरागत खेती से कई गुना ज्यादा क्षमता औद्यानिक फसलों में है।
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राज्यपाल और सीएम योगी ने राजभवन में प्रादेशिक फल शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी-2023 का किया शुभारंभ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अन्नदाता अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए औद्यानिक फसलों की खेती पर भी जोर दें। उत्तर प्रदेश के पास पर्याप्त जल संसाधन और प्रचुर मात्रा में उर्वरा भूमि है। ऐसे में पारंपरिक फसलों के साथ साथ औद्यानिक और औषधीय फसलों से अन्नदाता अपनी आय को दोगुना-तीन गुना कर सकते हैं। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को राजभवन में लगी 54वीं प्रादेशिक फल शाक भाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी का अवलोकन करने के उपरांत प्रगतिशील किसानों को संबोधित करते हुए कही। तीन दिवसीय प्रदर्शनी का शुभारंभ शुक्रवार को राजभवन प्रांगण में हुआ। 

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मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर भारत की सबसे बड़ी फल फूल प्रदर्शनी तीन दिन तक राजभवन के प्रांगण में होती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अन्नदाताओं की आमदनी को कई गुना बढ़ाने पर चर्चा करते हैं। अन्नदाताओं की आमदनी बढ़ाने के मामले में परंपरागत खेती से कई गुना ज्यादा क्षमता औद्यानिक फसलों में है। प्रदेश में ऐसे भी किसान हैं जिन्होंने एक हेक्टेयर की खेती में 29 लाख रुपया का नेट प्रॉफिट कमाया है। औद्यानिक खेती से जुड़े सभी किसानों की सफलता की अपनी कहानी है। इसके माध्यम से प्रगतिशील किसानों ने प्रदेश के परंपरागत खेती करने वाले सभी अन्य किसानों के सामने एक नया मानक प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी एक कृषि प्रधान देश है। प्रकृति ने हमारे किसानों को पर्याप्त जल संसाधन और उर्वरा भूमि दी है। देश की 11 फीसद कृषि भूमि वाला हमारा प्रदेश भारत की 20 प्रतिशत आबादी की खाद्यान जरूरतों को पूरा करता है। पूरी कृषि जीडीपी में हमारे अन्नदाताओं 25 फीसदी औद्यानिक फसलों का योगदान देते हैं। ऐसी पुष्प प्रदर्शनियां प्रगतिशील किसानों को एक नया मंच प्रदान करते हैं। इसके लिए मैं उद्यान विभाग को हृदय से धन्यवाद देता हूं।    
 
संबोधन से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के साथ प्रत्येक स्टॉल पर जाकर विभिन्न प्रकार की सब्जियों, फूलों, औषधीय फसलों, टिशू कल्चर से उत्पादित फसल, शहद आदि का अवलोकन किया। इस दौरान फूलों से बनायी गयी राम मंदिर की प्रतिकृति और विशाल शिवलिंग को देखकर आश्चर्य व्यक्त किया। प्रदर्शनी में सब्जियों की सभी प्रजातियों को देख मुख्यमंत्री ने उन्हें उपजाने वाले किसानों की प्रशंसा की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने औद्यानिक और औषधीय कृषि में सफल किसानों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर राज्यमंत्री उद्यान विभाग, दिनेश प्रताप सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त, उद्यान विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में प्रदर्शनी देखने आए लोग मौजूद रहे।

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