गोंडा। यूपी बोर्ड परीक्षा में 143 केंद्रों पर पांच हजार शिक्षकों की कक्ष निरीक्षक के तौर पर ड्यूटी लगाई जानी है। इसके लिए सभी स्कूलों को शिक्षकों का ब्योरा देना है। स्कूल शिक्षकों की जानकारी छिपा रहे हैं।ऐसी आशंका जताई जा रही है कि शिक्षकों का डाटा न देने के पीछे नकल कराने की तैयारी भी हो सकती है। बृहस्पतिवार को ड्यूटी की जांच में 12 शिक्षकों को चपरासी बनाने का मामला आया। करनैलगंज के एक स्कूल ने ब्योरे में हेरफेर किया है। स्कूल प्रशासन ने तर्क दिया कि उन शिक्षकों का नाम यूपी बोर्ड की बेवसाइट पर दर्ज नहीं था, इसलिए चपरासी बनाना पड़ा। विभाग को यह तर्क पच नहीं रहा।
प्रभारी डीएम ने अधिकारियों से ली पूरी जानकारी
शुक्रवार की देरशाम बोर्ड परीक्षा से जुड़े अधिकारियों से प्रभारी डीएम व सीडीओ एम. अरुन्मोली ने जानकारी की। उन्होंने केंद्रों की स्थिति के साथ ही तैयारियों की जानकारी ली। कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी में सतर्कता बरतने के साथ ही उत्तर पुस्तिकाओं और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के संबंध में व्यवस्था पर चर्चा की।
बोर्ड परीक्षा की तैयारियों में पूरी सतर्कता बरती जा रही है। इसके लिए टीमें लगाईं गईं हैं। केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं।
- राकेश कुमार, डीआईओएस