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पूर्व आईएएस की जमीन की पैमाइश करने पहुंची टीम को रोका, कहा-साहब के फोन के बिना गेट नहीं खुल सकता...

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लखनऊ। गोमती की 50 बीघा जमीन पर कब्जाने वाले पूर्व आईएएस के फार्म हाउस पर मंगलवार को जमीन की पैमाइश व सांकेतिक कब्जा लेने के लिए पहुंची राजस्व टीम को उनके कर्मचारियों ने गेट पर ही रोक लिया। टीम से कहा गया कि जब तक साहब का फोन नहीं आता, किसी को अंदर नहीं आने दिया जाएगा। इसके बाद टीम की अगुवाई कर रहे नायब तहसीलदार अमित कुमार त्रिपाठी के पुलिस की मदद ली, तब जाकर राजस्वकर्मी अंदर घुसने पाए और पैमाइश के बाद सांकेतिक कब्जे की कार्रवाई पूरी की।
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डिप्टी कलेक्टर राजस्व के सात जुलाई 2022 के आदेश के अनुपालन में नदी की जमीन को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई होनी थी। खसरा संख्या 2488स में नदी की जमीन दर्ज है। इसमें से करीब 50 बीघा जमीन पूर्व आईएएस ने अपने खातों में दर्ज करा लिया था। इस मामले को अमर उजाला ने 21 जुलाई को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद एसडीएम सदर ने डिप्टी कलेक्टर राजस्व के आदेश के अनुपालन में एक राजस्व टीम बनाई। मंगलवार को नायब तहसीलदार काकोरी अमित कुमार त्रिपाठी की अगुआई में सात सदस्यीय टीम पैमाइश और सांकेतिक कब्जा लेने के लिए पहुंची तो पूर्व आईएएस के कर्मचारियों ने विरोध किया। इसके बाद टीम ने पुलिस की मदद लेकर फार्म हाउस के गेट के अंदर जाकर जमीन की पैमाइश व चिह्नांकन किया। कार्रवाई में सदर व बीकेटी तहसील की टीमें शामिल रहीं।
देर शाम तक चलती रही पैमाइश
राजस्व कर्मियों ने पुलिस की मौजूदगी में दोपहर में पैमाइश शुरू की। यहां पांच गांवों की सीमा होने की वजह से टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। यहां गोपरामऊ के अलावा पश्चिम गांव, पुरवा, धतिंगरा और रैथा की जमीनों की सीमा लगती है। पैमाइश के समय स्थानीय लोग भी मौके पर जुट गए। उनका आरोप था कि एक तरफ से पैमाइश किए जाने की जगह बीच में से चिह्नांकन शुरू किया गया। इससे सही पैमाइश नहीं हो सकती। ऐसे में देर शाम तक पैमाइश की कवायद चलती रही।
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आरोप, कुछ अधिकारी बचाने में लगे
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पैमाइश में मनमानी करके कुछ राजस्व कर्मी पूर्व आईएएस के हित में काम कर रहे हैं। राजस्व कर्मचारी स्थानीय लोगों को सही जानकारी भी नहीं दे रहे हैं। यह भी प्रयास है कि गोमती नदी की जमीन पर बने बंगले को बचा दिया जाए। हालांकि, नायब तहसीलदार अमित त्रिपाठी का कहना है कि गोपरामऊ में नदी की जमीन की पैमाइश और चिंहाकन कराई गई है। जल्दी ही आगे की कार्रवाई होगी।
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