मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने अयोध्या में हनुमानगढ़ी मंदिर पर दिव्यांगों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एस्केलेटर (स्वचालित सीढ़ियां) या लिफ्ट लगाने के निर्देश दिए है। शुक्रवार को अयोध्या के जन्मभूमि पथ और राम पथ पर चल रहे कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने भगवान राम के चरित्र और आदर्श पर आधारित अयोध्या विकसित करने के निर्देश दिए।
लोकभवन में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये आयोजित बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि मार्गों में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न हो। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में नई अयोध्या स्थापित होगी। देश विदेश के लोग अयोध्या आएंगे। उन्होंने कहा कि रामायणकालीन भगवान राम के चरित्र और आदर्शों पर आधारित अयोध्या को विकसित करना है। उन्होंने इसके लिए विषय विशेषज्ञों से सुझाव लेने और दूरगामी परिणामों का भी आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों से प्रभावित होने वाले लोगों को समुचित मुआवजे का समय से भुगतान सुनिश्चित किया जाए। पंचकोसी और चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए बैंच लगाने के भी निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि जन्म भूमि पथ पर सुग्रीव किला से श्रीराम जन्म भूमि मंदिर मार्ग का 51 प्रतिशत निर्माण पूरा हो गया है। भक्ति पथ पर श्रृंगार हाट से श्री राम जन्म भूमि मंदिर मार्ग के लिए भूमि, भवन खरीदने और प्रभावित लोगों के पुनर्वास की कार्यवाही की जा रही है। कुल प्रभावित 350 दुकानों का मुआवजा दिया जा चुका है। बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव अजय चौहान, आवास आयुक्त रणवीर प्रसाद, अयोध्या के मंडलायुक्त और जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।