लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में अब बच्चों की भी इंडोस्कोपी हो सकेगी। इसके लिए संस्थान में 20 लाख रुपये का कैप्सूल इंडोस्कोपी सिस्टम आने वाला है। शासन से मंजूरी के बाद इसकी खरीद की जा रही है। सरकारी संस्थानों में यह जांच अभी तक पीजीआई में ही संभव थी।
संस्थान के प्रवक्ता प्रो. भुवन चंद्र तिवारी ने बताया कि सरकार ने लोहिया संस्थान को बजट में मशीन व उपकरण मद में 250 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इसी से पीडियाट्रिक हेपाटोलॉजी विभाग में कैप्सूल इंडोस्कोपी सिस्टम वर्कस्टेशन की खरीद होनी है। इसके बाद यहां बच्चों की इंडोस्कोपी आसानी से होगी।
छोटी आंत की भी हो सकेगी जांच
इंडोस्कोपी में व्यक्ति को कैमरा लगा हुआ कैप्सूल निगलने के लिए दिया जाता है। इसकी मदद से मॉनीटर पर इमेज देखी जाती है, जिससे छोटी आंत की जांच करना संभव हो सकेगा।
पेट का रक्तस्राव रोकने में भी मिलेगी मदद
संस्थान में 35 लाख रुपये की लागत वाले आटरी विद आर्गन प्लाज्मा कोगलेशन को भी मंजूरी मिली है। इस उपकरण से पेट में होने वाले रक्तस्राव को रोका जा सकता है।