लखनऊ। कौशल महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को भी कॉल्विन तालुकेदार्स ग्राउंड में नौकरी की चाहत में हजारों बेरोजगार पहुंचे। ऑनलाइन पंजीकरण और साइकोमेट्री टेस्ट के बाद कंपनियों के प्रतिनिधियों ने साक्षात्कार लिया। कई दिव्यांगों का अपने कौशल के दम पर नौकरी पाने का सपना पूरा हुआ। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर अभ्यर्थियों के चेहरे खिल गए।
दो दिवसीय महोत्सव में 112 कंपनियों के 51974 पदों के सापेक्ष कुल 30 हजार से अधिक पंजीकरण हुए। दो दिन में कुल 5284 बेरोजागारों को नियुक्ति पत्र मिले। इनमें 11 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नियुक्ति पत्र दिए। इसमें ज्योति सिंह, कंचन देवी, विमलेश कुमार, प्रतीक कुमार, मुकेश, नेहा पाल, आदर्श श्रीवास्तव, नूर अफ्सा, अंकुर अवस्थी आदि शामिल रहे। वहीं, कुछ अभ्यर्थियों से कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बायोडाटा जमा करवाकर कॉल करने का आश्वासन दिया। इस दौरान पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, मंत्री अनिल राजभर, महानगर अध्यक्ष व एमएलसी मुकेश शर्मा, एमएलसी पवन सिंह चौहान, भाजपा नेता नीरज सिंह, दिवाकर त्रिपाठी, मीडिया प्रभारी प्रवीण गर्ग, विधायक आशुतोष टंडन, विधायक राजेश्वर सिंह, विधायक नीरज बोरा आदि मौजूद रहे।
शिक्षण संस्थान और उद्योग के समन्वय से बढ़ रहा नवाचार
महोत्सव के दूसरे दिन मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज शिक्षण संस्थान और उद्योग के समन्वय से नवाचार को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1965 में जब एक युवा ने कंप्यूटर, आर्गेनिक और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की बात कही तो सबको आश्चर्य होता था। आज 5-जी के युग में विश्वविद्यालयों में इसकी पढ़ाई हो रही है। आज इनोवेशन के लिए प्रतिस्पर्धा हो रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में कोई नहीं सोचता था। पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत को एक विजन दिया। आज भारत जी-20 का प्रतिनिधित्व कर रहा है। यह बड़ा बदलाव है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सर्वाधिक युवा देश और उत्तर प्रदेश सर्वाधिक युवा प्रदेश है। युवाओं को अपनी उड़ान के लिए एक मंच चाहिए। जब पीएम ने राष्ट्रीय कौशल मिशन की शुरुआत की थी तो लोगों को लगता था कि यह मिशन क्या कर पाएगा। इस मिशन ने युवाओं को एक नई पहचान दी है। उन्होंने कहा कि इस बदलाव से एक करोड़ लोगों को रोजगार मिलेगा। फैमिली कार्ड से शासकीय योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचेगा। उन्होंने भाजपा नेता नीरज सिंह को आयोजन के लिए बधाई दी।
इन्हें मिला सिर्फ आश्वासन
रंजीत कुमार ने बताया कि सुबह से नौकरी मिलने के लिए लाइन में लगे, अब सिर्फ आश्वासन लेकर जा रहे हैं। रंजीत की तरह ही सत्यम, सौरभ तिवारी, पुष्पेंद्र कुशवाहा, रियाज अहमद, नसीरुद्दीन अंसारी का सिर्फ बायोडाटा जमा हुआ। उन्हें कंपनी प्रतिनिधियों ने कुछ दिन बाद कंपनी से कॉल आने की बात कही।
तीन महीने ट्रेनिंग लेकर दिव्यांगता को हराया
मुझे आत्मनिर्भर बनना था। इतिहास में पीजी की पढ़ाई के बाद रोजगार की तलाश थी। तीन महीने कंप्यूटर की ट्रेनिंग ली। इस महोत्सव में सौभाग्य फाउंडेशन में काउंसलर व मोबिलाइजर के पद पर चयन हुआ। 1.20 लाख रुपये सालाना का पैकेज मिला। अब अपने सपने पूरे कर सकती हूं।
- ज्योति सिंह
दोबारा लौटा आत्मविश्वास
मैंने एक दुर्घटना में बायां हाथ खो दिया। हमेशा लगता था कि शायद अब कुछ न कर पाऊं। महोत्सव में सौभाग्य फाउंडेशन में ट्रेनर के पद पर चयनित हुआ। 15 हजार रुपये सैलरी ऑफर हुई है। मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र दिया तो खोया आत्मविश्वास लौट आया।
- स्वप्निल श्रीवास्तव
नौकरी छूटी, फिर मिला रोजगार
मैं 80 प्रतिशत दिव्यांग हूं। बैसाखियों पर चलकर आया हूं। मैंने कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव का कोर्स किया। पहले कॉल सेंटर में नौकरी की, जो छूट गई। अब दोबारा वार्डन के पद पर चयनित हुआ हूं। आठ हजार रुपये महीना सैलरी मिलेगी।
- महाराज
मूक-बधिरों को मुख्य धारा से जोडूंगा
मैंने स्नातक किया है, बचपन से मूक-बधिर हूं। महोत्सव में डेफ मोबिलाइजर के पद पर चयन हुआ। अब अपने जैसे मूक-बधिरों को मुख्य धारा से जोड़ने के साथ पिता का सहारा बनूंगा।
- मो. अहमद