हिंदी दिवस पर केंद्रीय विद्यालय आरडीएसओ में बोलते हुए प्रोफेसर यशवंतस्रोत्र-स्वंय
लखनऊ। केंद्रीय विद्यालय आरडीएसओ में हिंदी माह के तहत कार्यशाला हुई। इसका मुख्य विषय विश्व स्तर पर हिंदी का भविष्य था। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के प्रोफेसर यशवंत वीरोदय ने कहा कि हिंदी को धन, रोजगार और ज्ञान की भाषा बनाने पर जोर देना होगा। लोग वही भाषा अपनाते हैं जिससे उन्हें नया ज्ञान, रोजगार और धनार्जन मिले। हिंदी को भारत में संपर्क भाषा के रूप में स्वीकार करने की बात कही। हिंदी अन्य भाषाओं को समृद्ध करती है। यह विश्व के कई विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जा रही है। इस मौके पर विद्यालय के प्राचार्य राजेश कुमार शुक्ल और एचएन दुबे ने लोकगीतों से हिंदी का महत्व दर्शाया।