लखनऊ। बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय (बीबीडीयू) में सोमवार को अनुसंधान उत्कृष्टता वैज्ञानिक अन्वेषण से सामाजिक प्रभाव तक विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला हुई। इसका उद्देश्य अनुसंधान क्षमताओं को मजबूत करना और वैज्ञानिक खोजों को सामाजिक लाभ में बदलना था। कार्यशाला में कुलपति प्रो. एसके श्रीवास्तव ने डाटा संग्रह, शोध-पत्र लेखन, बौद्धिक संपदा अधिकार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर चर्चा की। वहीं सीएसआईआर-एनबीआरआई और आईआईएम लखनऊ के विशेषज्ञों ने अनुभव साझा किए। इसमें बहुविषयक और प्रभावोन्मुख अनुसंधान के महत्व पर जोर दिया गया।