विजय-पर्व में जीवंत हुई सम्राट अशोक की आत्मबोध यात्रा
लखनऊ। गोमती नगर स्थित संगीत नाटक अकादमी के संत गाडगे जी महाराज प्रेक्षागृह में बृहस्पतिवार को कला और संवेदना का संगम देखने को मिला। संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से ''विजय बेला'' संस्था की ओर से मंचित नाटक ‘विजय-पर्व’ ने दर्शकों को मौर्यकालीन वैभव और सम्राट अशोक के हृदय परिवर्तन की मार्मिक यात्रा पर पहुंचा दिया। डॉ. रामकुमार वर्मा की कालजयी रचना को निर्देशक चंद्रभाष सिंह ने मंच पर बखूबी उतारा। जूही कुमारी, नरेंद्र पाठक और अन्य कलाकारों के जीवंत अभिनय किया।
विजय-पर्व में जीवंत हुई सम्राट अशोक की आत्मबोध यात्रा
विजय-पर्व में जीवंत हुई सम्राट अशोक की आत्मबोध यात्रा
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विजय-पर्व में जीवंत हुई सम्राट अशोक की आत्मबोध यात्रा
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