लखनऊ। सरकारी अस्पतालों की इमरजेंसी में आने वाले अति गंभीर मरीजों को दो कैटेगरी में भर्ती किया जाएगा। कोरोना के लिहाज से हाई रिस्क वाले मरीजों के लिए अलग इमरजेंसी बनाई गई है। जहां पर सभी प्रोटोकाल के तहत हाई रिस्क मरीजों का उपचार किया जाएगा। अफसरों का कहना है कि अस्पतालों की इमरजेंसी में अभी सीमित मरीज लिए जाएंगे ताकि संक्रमण की आशंका न बढ़े। बलरमपुरए सिविल अस्पताल में सामान्य मरीज तक भर्ती नहीं लिए जा रहे थे। इससे मरीजों को परेसानी का सामना करना पड़ रहा था। इसे देखते हुए अफसरों ने इमरजेंसी को दो कैटेगरी में बाट दिया है। कोरोना के संदिग्ध मरीज दूसरी इमरजेंसी में भर्ती किए जाएंगे, जहां पर पीपीई किट समेत अन्य प्रोटोकाल पूरा कराने बाद डॉक्टर व स्टाफ को भेजा जा रहा है। बलरामपुर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी के मुताबिक हाई रिस्क मरीजों के लिए वार्ड नंबर 7 में इमरजेंसी बनाई गई है, जहां पर मरीजों को भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। जबकि सामान्य मरीज पुरानी इमरजेंसी में भर्ती लिए जा रहे हैं। बताया फिलहाल अभी सीमित मरीज लिए जा रहे हैं जो वाकई में भर्ती के लायक होते हैं। सिविल के निदेशक डॉ. डीएस नेगी ने बताया कि हाई रिस्क मरीजों को अलग भर्ती किया जा रहा है।