फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ताकि न खुले पोल

Tue, 04 Mar 2014 11:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
मोदी की महारैली खत्म होने के साथ ही कई भाजपाइयों को पसीना आने लगा है।
विज्ञापन


पांच महीने तो खुशी-खुशी कट गए लेकिन आगे क्या होगा। अभी तक तो कभी रैली के मंच के नाम पर तो कभी मैदान का मैनेजमेंट संभालने के नाम पर अगुवाई करने का मौका मिलता रहा।

जैसे-तैसे बडे़ नेता का रुतबा भी बरकरार रहा, पर अब तो कसौटी उनका काम होगा। पोल खुल गई तो रुतबा ही गड़बड़ा जाएगा। बेचारे! करें तो क्या करें।

इस जुगाड़ में लग गए हैं कि चुनाव के नाम पर कुछ नया काम मिल जाए, जिससे आगे यह बहाना रहे कि वे तो इस काम में लगे थे। क्षेत्र कैसे संभालते।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें