केजीएमयू में फोरेेंसिक मेडिसिन एंड टॉक्सिकोलॉजी विभाग में परास्नातक स्तर पर अब आठ सीटों पर दाखिले हो सकेंगे।
अभी तक विभाग में एमडी फोरेंसिक साइंस की सिर्फ एक ही सीट थी। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने विभाग का निरीक्षण करने के बाद आठ अतिरिक्त सीटें बढ़ाने पर सहमति दे दी है।
केजीएमयू के फोरेंसिक मेडिसिन एंड टॉक्सिकोलॉजी विभाग की ओर से एमडी की सीट बढ़ाने के लिए साल के शुरुआत में आवेदन किया गया था। जून में एनएमसी की टीम ने निरीक्षण किया था।
अब सीट बढ़ाने को हरी झंडी मिल गई है। विभागाध्यक्ष प्रो. अनूप कुमार वर्मा के अनुसार फोरेंसिक मेडिसिन विशेषज्ञों की बढ़ती मांग की वजह से इसका फायदा मिलेगा। कुलपति ले. जनरल डॉ. बिपिन पुरी ने सीट बढ़ने पर विभाग को बधाई दी है।
विभाग में प्रस्तावित है टॉक्सिकोलॉजी लैब
हर तरह के जहर की जांच और इससे पीड़ित को इलाज की सुविधा मिल सके, इसके लिए विवि के फोरेंसिक मेडिसिन एंड टॉक्सिकोलॉजी विभाग में एक विशिष्ट लैब तथा इनफॉर्मेशन सेंटर की शुरुआत होनी है। संबंधित विभाग ने इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। अभी तक इस तरह की लैब किसी भी संस्थान में नहीं है।
इलाज संग बीमार होने से बचना बताएगा केजीएमयू
केजीएमयू अब इलाज के साथ ही बीमारी से बचने के उपाय भी बताएगा। इसके लिए अमेरिका के हॉपकिंस विश्वविद्यालय के सहयोग से चिकित्सा विवि प्रदेश के हेल्थ ऐंड वेलनेस सेंटर को मजबूत करेगा। इसके जरिये केजीएमयू शिक्षकों को चिकित्सा शिक्षा की बेहतर पढ़ाई कराने के लिए प्रशिक्षित भी करेगा। मालूम हो कि पिछले दिनों केजीएमयू की टीम ने कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण भी किया। इसे और बेहतर बनाने के लिए शोध व टेलीमेडिसिन को और विस्तारित करने पर काम किया जाएगा। इन केंद्रों पर तैनात चिकित्सक और स्टाफ को प्रशिक्षित करने के लिए केजीएमयू मॉड्यूल भी तैयार करेगा। प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह के अनुसार जल्द ही प्रशिक्षण का काम शुरू हो जाएगा। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं।